धनबाद(DHANBAD)- उग्रवादियों और उपद्रवियों के लिए जब सरकार नियम बना सकती है, तो जवानों की सुविधा के लिए कायदे-नियम क्यों नहीं बनाती है. इसका दर्द मंगलवार को यहां तब झलका, जब पुलिस मेंस एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष राकेश पांडेय मीडिया से बातें कर रहे थे. उन्होंने कहा कि उनका धनबाद आने का मकसद था कि जवानो के आवासन, उनकी ड्यूटी, उनकी सुविधाओं को जाना जाय. हमारे जवान घर, परिवार से दूर रहकर ठंड, गर्मी, बारिश की परवाह किए बिना अपनी ड्यूटी करते हैं. जंगल, झाड़, गली मुहल्लों में जरुरत के अनुसार उनका कमान काट दिया जाता है, उफ़ किये बिना अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी से करते.
मुंह फेर लेती है सरकार
वहीं जब सुविधाओं की बारी आती है तो सरकार या लोकल प्रशासन मुंह मोड़ लेता है. यही बात हमेशा कचोटती रहती है कि जब हमारे जवान हर संकट में एक पैर पर खड़े हैं तो सरकार को भी जवानो के प्रति अपनी जिम्मेवारियों को ईमानदारी पूर्वक निभाना चाहिए, लेकिन बदकिस्मती है कि ऐसा होता नहीं है. मौके पर उन्होंने धनबाद की चर्चा करते हुए कहा कि मेस में जहां जवान रहते हैं, वहां पानी रिसता है. साफ सफाई का कोई इंतजाम नहीं रहता. यहां तक की मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिलती. ऐसा नहीं कि इस ओर सरकार और लोकल प्रशसन का ध्यान पहले नहीं खींचा गया, लेकिन सरकार है कि सुनती ही नहीं. आज उन्होंने धनबाद के एसएसपी से मुलाकात की. उन्हें परिस्थितियों से अवगत कराया. एसएसपी ने भरोसा दिया है कि मेस आदि की परेशानी को जल्द दूर कर लिया जाएगा.
रिपोर्ट : अभिषेक कुमार सिंह, ब्यूरो चीफ, धनबाद
