रांची (RANCHI) : नक्सल प्रभावित लातेहार जिला के युवाओं का स्वर्णिम भविष्य गढ़ने की तैयारी शुरू हो चुकी है. अब यहां के आर्थिक रूप से कमजोर युवा देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा की कोचिंग निःशुल्क ले सकेंगे. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद लातेहार ऐसा पहला जिला बन गया गया है, जिसने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे युवकों के लिए 'इंटीग्रेटेड कोचिंग कार्यक्रम' उपलब्ध कराया है. कोडरमा में भी इस तरह की इंटीग्रेटेड कोचिंग कार्यक्रम शुरू करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है.
सैकड़ों युवाओं को मिलेगी कोचिंग
लातेहार की अधिकतर आबादी गरीबी रेखा के नीचे की श्रेणी में आती है. निजी कोचिंग संस्थान की ऊंची फीस वहन करने में असक्षम होने के कारण ऐसे युवाओं की आकांक्षाएं दम तोड़ देती हैं. इन युवाओं की परिस्थिति को समझते हुए जिला प्रशासन द्वारा महत्वाकांक्षी कदम उठाते हुए 'इंटीग्रेटेड कोचिंग कार्यक्रम' का शुभारंभ किया गया. इसके तहत 100 से 130 युवाओं को सिविल सेवा परीक्षाएं की तैयारी मुफ्त की तैयारी की जा रही है.
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की पहल
कार्यक्रम के अंदर यूपीएससी,जेपीएससी एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के कई चरणों में सफल हो चुके अनुभवी एवं योग्य शिक्षकों द्वारा शिक्षण सेवा दी जा रही है.कोचिंग संस्थान के अंदर लाइब्रेरी की भी व्यवस्था की गई है. साथ ही,अन्य राज्यों और जिलों के अनुभवी शिक्षकों से डिजिटल माध्यम से पढ़वाने हेतु भी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित किया गया है.राज्य के कमजोर वर्ग के युवाओं को सिविल सेवा परीक्षा की गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क कोचिंग प्राप्त हो. ताकि उनका भविष्य उज्जवल हो सके. इस निमित कोचिंग सेन्टर शुरू किया गया है.
रिपोर्ट:रंजना कुमारी (रांची ब्यूरो )
