सरायकेला(SARAIKELA)-केज कल्चर के जरिए मत्स्य उत्पादन में पूरे भारत में अव्वल सरायकेला जिला के चांडिल डैम में जल्द सुविधाओं का और विकास और मत्स्य उत्पादन में भी बढ़ोतरी की जाएगी. इस संकल्प को लेकर आज कृषि और सहकारिता विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी, मत्स्य निदेशक एच एन द्विवेदी समेत मत्स्य विभाग की एक टीम ने चांडिल डैम का दौरा किया. दौरे के क्रम में चांडिल डैम मत्स्य जीवी समिति द्वारा सचिव और मत्स्य निदेशक का पारंपरिक नृत्य के साथ स्वागत किया गया. स्वागत के उपरांत कृषि और सहकारिता विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी ने चांडिल डैम में चल रहे केज कल्चर और रिवराइन फिश फार्मिंग का निरीक्षण किया. इस दौरान वे केजो की स्थिति से रूबरू हुए मत्स्य उत्पादन की स्थिति को जाना. साथ ही चांडिल डैम के पास स्थित फिश फीड प्लांट के उत्पादन के बारे में उन्होंने जानकारी प्राप्त की.
चांडिल डैम में बढ़ाई जाएगी केजो की संख्या, क्षतिग्रस्त केजो के मरम्मतीकरण हेतु चलेगा स्पेशल ड्राइव
दौरे के क्रम में चांडिल मत्स्य जीवी समिति के सदस्यों ने मत्स्य विभाग की टीम के समक्ष कई समस्याओं को रखा. मत्स्य जीवी सदस्य समिति के सदस्यों ने चांडिल डैम में केजो की संख्या बढ़ाने, क्षतिग्रस्त केजो को दुरुस्त करने और फीड प्लांट को अपग्रेड करने की मांग की. कृषि एवं सहकारिता विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी ने भरोसा जताते हुए कहा कि आने वाले दिनों में चांडिल डैम में केजों की संख्या बढ़ाई जाएगी. साथ ही स्पेशल ड्राइव चलाकर केजो के मरम्मतीकरण करने की भी पहल की जाएगी. साथ ही उन्होंने फीड प्लांट को अपग्रेड करने के लिए नई मशीन लगाने की भी बात कही. उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत चांडिल डैम के मत्स्य कृषकों को जोड़कर लाभ पहुंचाने के लिए जिला मत्स्य विभाग के पदाधिकारियों को निर्देश दिया.
फिश फीड प्लांट की मशीन है बरसों पुरानी, उत्पादन पर पड़ता है असर
मालूम हो कि चांडिल डैम में अभी करीबन 900 केज हैं. जिसमें से करीब डेढ़ सौ केज जर्जर अवस्था में है. फीड प्लांट की बात की जाए तो यहां की मशीन पुरानी हो चुकी है. बता दें कि 2009 में स्थापित इस मशीन में 6 घंटा में 1 टन फिश फीड उत्पादित होती है. पुरानी मशीन होने के कारण जिले में फिश फीड के मांग के अनुरूप फीड प्लांट से पूरी उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो पाती है. ऐसे में नया मशीन लगने से ज्यादा मात्रा में और तेजी से फिश फीड उत्पादन की राह आसान होगी.
रिपोर्ट:विकास कुमार,सरायकेला
