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गुमला में भ्रष्टाचार का हाल: रिश्वत देने के बाद भी नहीं मिलता है योजना का लाभ, सदमे में चली गई जान

गुमला में भ्रष्टाचार का हाल:  रिश्वत देने के बाद भी नहीं मिलता है योजना का लाभ, सदमे में चली गई जान

गुमला(GUMLA)-जिले के घाघरा प्रखंड क्षेत्र के टांगर शिकवार गांव में 60वर्षीय धनेश्वर राम का प्रखंड कर्मियों द्वारा घूस लेकर भी उसे आवास और गाय शेड नहीं देने के सदमे से उसकी मौत होने की की खबर सामने आई है. इस संबंध में मृतक की पत्नी आरती देवी ने बताया कि पिछले कई महीनों से प्रधानमंत्री आवास बनाने को लेकर  पंचायत सचिव और जनसेवक के द्वारा कहा गया था कि उनका आवास स्वीकृत हो गया है. ईट बालू का व्यवस्था कर लो. जिसके बाद धनेश्वर ने उधार लेकर ईंट और बालू की भी व्यवस्था की,लेकिन एक दिन अचानक धनेश्वर को बताया गया कि उसका प्रधानमंत्री आवास लिस्ट में नहीं है. जिसके बाद से वह काफी परेशान था. इस पूरे मामले क बाद गांव के एक बिचौलिया के माध्यम से पंचायत सचिव बिंदेश्वर महतो के द्वारा 5 हजार रुपया रिश्वत मांगा गया और कहा गया कि तुम्हारा गाय शेड स्वीकृत कर देंगे उसी से आवास बना भी लेना. जिसके बाद ना तो गाय का शेड स्वीकृत हुआ और ना ही उसका पैसा वापस हुआ. जिससे वह काफी परेशान था. ईंट और बालू सप्लाई करने वाले लोग भी लगातार घर में पैसे के लिए दबाव बना रहे थे. इसी कारण से वह काफी मानसिक दबाव से गुजर रहा था. जिसके बाद अचानक हार्ट अटैक होने से उसकी मौत हो गई. मृतक की पत्नी आरती ने यह भी बताया कि मृतक धनेश्वर कल भी प्रखंड कार्यालय गए थे और गाय शेड निर्माण स्वीकृति के लिए प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी के अलावे पंचायत सचिव से आग्रह किया था, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिलने के कारण सदमे में उन्हें हार्ट अटैक आ गया. इधर धनेश्वर के मौत से परिवार और गांव के लोगों में काफी गुस्से हैं.

राशन कार्ड के नाम पर लिया गया 4000 रिश्वत

धनेश्वर राम से राशन कार्ड बनाने के नाम पर भी 5 हजार किसी प्रखंड में कार्यरत कर्मी के द्वारा लिया गया था, लेकिन उसका राशन कार्ड नहीं बना. तब जाकर बिचौलिया से पैसा का मांग करने लगा तब उसे ₹1000 वापस कर दिया गया और ₹4000 वापस नहीं किया गया. बाद में उसका ग्रीन कार्ड बनाने को लेकर कैंप लगाया गया था. जिसके बाद उसमें ग्रीन कार्ड बना दिया गया.

आर्थिक मदद की अपील

मृतक धनेश्वर  पुत्र और पत्नी को अपने पीछे छोड़ कर चले गए. घर की स्थिति काफी दयनीय है. वहीं घर धंसने के कगार पर है. खाने के लिए घर में अनाज नहीं है. ऐसी स्थिति में पूरा परिवार भी सदमे में आ गया है. परिवार के लोगों ने तुरंत ही आवास मुहैया कराने के साथ-साथ राशन के अलावा दाह संस्कार के लिए आर्थिक सहायता का मांग की है.

मामला गंभीर, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा-बीडीओ

इधर प्रखंड विकास पदाधिकारी से पूरे प्रकरण में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह बहुत ही संगीन गंभीर मामला है. आवास से उसका नाम कैसे हटा किसके द्वारा पैसा लिया और गाय शेड स्वीकृति क्यों नहीं दिया गया. सभी विषयों पर जांच किया जाएगा और जो भी लोग दोषी होंगे सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही आवश्यकता पड़ने पर प्राथमिकी भी दर्ज कराया जाएगा और पीड़ित परिवार से जाकर मुलाकात भी करेंगे.

घाघरा प्रखंड कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम पर, जांच की मांग

इधर ग्रामीणों में भी आक्रोश व्याप्त है. आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि घाघरा प्रखंड कार्यालय में बगैर घूस का कोई काम नहीं होता है. भ्रष्टाचार का आलम यह है कि धनेश्वर को अपना जान गंवाना पड़ गया. जिला के वरीय अधिकारियों से मांग किया है कि घाघरा प्रखंड में हो रहे विकास योजना के अलावे व्यक्तिगत लाभ से जुड़ने जैसी सभी चीजों पर सघन जांच हो और भ्रष्टाचारी अधिकारियों और कर्मियों के ऊपर कारवाई हो. अगर इस पूरे मामले को लेकर जांच नहीं किया गया और कार्रवाई नहीं किया गया तो ग्रामीणों द्वारा आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा.

रिपोर्ट:सुशील कुमार सिंह/गौतम साहू,गुमला

Published at:03 Oct 2021 03:07 PM (IST)
Tags:News
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