☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • TNP Special Stories
  • Health Post
  • Foodly Post
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Art & Culture
  • Know Your MLA
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • Tour & Travel
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • Education & Job
  • News Update
  • Special Story
  • Religion
  • YouTube
  1. Home
  2. /
  3. News Update

राज्य के किसानों के बहुमुखी विकास और आय में वृद्धि के लिए दिया जाएगा पांच दिवसीय प्रशिक्षण

राज्य के किसानों के बहुमुखी विकास और आय में वृद्धि के लिए दिया जाएगा पांच दिवसीय प्रशिक्षण


रांची(RANCHI): सरकार के  नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार कृषि के चौमुखी विकास पर फोकस कर लोगों को रोजगार देने और उनकी आय बढ़ाने में जुटी है.इसी के तहत अब उद्यानिकी को स्वरोजगार का आधार बनाने की कवायद शुरू की गई है.इसके लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 में राज्य सरकार की ओर से बजट भी निर्धारित किया गया है. किसानों, युवाओं और महिलाओं को उद्यानिकी से जुड़ी योजनाओं के तहत विभिन्न तरह के प्रशिक्षित करने का कार्यक्रम हैं. योजना का उद्देश्य उद्यानिकी फसलों का बहुमुखी विकास एवं कृषकों की आय में वृद्धि करना है. साथ ही उद्यानिकी के लिए अनुकूल झारखण्ड के मौसम, मिट्टी और परिस्थिति की का लाभ राज्यवासियों को देना है.

इन क्षेत्रों में मिलेगा प्रशिक्षण

राज्य के सभी जिलों में उद्यानिकी फसलों के बहुमुखी विकास हेतु पंचायत स्तर पर चयनित बागवानी मित्रों, प्रखंड स्तर पर कार्यरत उद्यान मित्रों और कृषकों को उद्यानिकी फसलों की तकनीकी खेती से संबंधित जानकारी के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा. प्रशिक्षण के दौरान मिलनेवाला भत्ता, भोजन, आने-जाने, ठहरने व प्रमाणपत्र देने की व्यवस्था राज्य सरकार के द्वारा किया जायेगा . 

शहरी क्षेत्र के युवाओं को मिलेगा माली का प्रशिक्षण

योजना के तहत शहरी क्षेत्रों के युवाओं को माली का प्रशिक्षण भी देने की योजना बनायीं गयी है. इससे जहां शहरी क्षेत्रों में बागों, पार्कों के सौंदर्यीकरण को बढ़ावा मिलेगा, वहीं युवा आत्मनिर्भर भी होंगे.यह प्रशिक्षण राज्य सरकार और भारत सरकार के चिह्नित संस्थानों या एग्रीकल्चर स्किल काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त संस्थानों के माध्यम से होगा. माली का निःशुल्क प्रशिक्षण 25 दिन का होगा. 

मिर्च और मशरूम की खेती का प्रशिक्षण

मिर्च व मशरूम की खेती को बढ़ावा देना भी पहल का हिस्सा है.जनजातीय क्षेत्रीय उपयोजना के तहत आनेवाले 13 जिलों रांची, खूंटी, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, दुमका, पाकुड़, लातेहार के 420 हेक्टेयर, क्षेत्रीय योजना के तहत हजारीबाग, रामगढ़, देवघर, गोड्ड़ा, चतरा, धनबाद, पलामू एवं बोकारो सहित 11 जिलों के 210 हेक्टेयर एवं अनुसूचित जातियों के लिए विशेष घटक योजना के अन्तर्गत हजारीबाग, रामगढ़, देवघर, गोड्डा, गिरिडीह, चतरा, बोकारो, कोडरमा, गढ़वा, धनबाद पलामू एवं बोकारो सहित 11 जिलों में 700 हेक्टेयर क्षेत्र में मिर्च की खेती को  भी बढ़ावा देने की योजना तैयार की  गयी है. साथ ही मशरूम उत्पादन के लिए सभी जिलों के कृषकों को नई तकनीक पर आधारित पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया जायेगा. 

खुले वातावरण में फूल और पपीता की खेती को बढ़ावा

कृषक फूलों की खेती के लिए प्रेरित हो.इसके लिए सरकार भी प्रयासरत है.इसके लिए राज्य के सभी जिलों में चयनित स्थलों पर फूल की खेती की जायेगी.राज्य में कुल 1000 हेक्टेयर क्षेत्र में फूल की खेती को बढ़ावा दिया जायेगा.पपीता को पौष्टिक फलों की श्रेणी में रखा जाता है.पपीता की खेती को सरकार प्रोत्साहित कर रही है.इससे जहां किसानों की आय में वृद्धि होगी,वहीं ग्रामीणों को भी पौष्टिक फल सुलभ होगा.सरकार ने राज्य के विभिन्न जिलों में वित्तीय वर्ष 2021-22 में करीब आठ लाख पपीते के पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है. पपीता पौध उत्पादकों के माध्यम से पौधा उपलब्ध कराया जायेगा.

इसी तरह से कृषकों को टिश्यू कल्चर, स्ट्राबेरी,  प़ॉली हाउस निर्माण, सब्जी की खेती,  गृह वाटिका की स्थापना आदि को भी प्रशिक्षण से जोड़ने की योजना है. इस प्रशिक्षण से युवाओं और कृषकों को काफी लाभ होगा.जहां एक ओर वे आधुनिक तरीके से उद्यानिकी के बारे जानेंगे.वहीं राज्य भी फलों, सब्जियों के मामले में और अधिक आत्मनिर्भर होगा. 


 रिपोर्ट :रंजना कुमारी (रांची ब्यूरो )

Published at:01 Oct 2021 07:47 PM (IST)
Tags:News
  • YouTube

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.