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जेपीएससी में क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल कराने को लेकर सदन से सडक तक आंदोलन की तैयारी

BY -
Shreya Gupta
Shreya Gupta
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 15, 2026, 11:00:11 AM

सरायकेला (SARAIKELA) -  जेपीएससी में क्षेत्रीय भाषाओं में हिन्दी समेत अन्य भाषाओं को ना रखने को लेकर ना सिर्फ राज्य में राजनीति तेज हो गई है बल्कि विभिन्न सामाजिक संगठन भी मुखर हो रहे हैं. उसी कड़ी में आज पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत एकता विकास मंच की ओर से गम्हरिया प्रखंड कार्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सांकेतिक धरना दिया गया. धरना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंच के केंद्रीय अध्यक्ष ए के मिश्रा ने कहा कि राज्य कर्मचारी चयन आयोग की मिलीभगत से हिंदी भाषी लोगों को नियोजन नीति से हटाकर भविष्य के साथ सरकार खिलवाड़ कर रही है. झारखंड में एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति के तहत राज्य कर्मचारी चयन आयोग द्वारा राष्ट्रभाषा हिंदी, भोजपुरी, मगही, मैथिली और अंगिका को क्षेत्रीय भाषा से हटाते हुए यहां के एक मजबूत और अधिक जनसंख्या वाले क्षेत्रों को दरकिनार कर दिया गया है ताकि मगही, भोजपुरी, राष्ट्रभाषा हिंदी, मैथिली, अंगिका भाषा भाषी वाले लोगों  के अस्तित्व  को खत्म किया जा सके.

लोगों को जागरूक करने की कोशिश

क्षेत्रीय भाषाओं की सूची में इसको शामिल करने को लेकर एकता विकास मंच आंदोलनरत है. इसी आंदोलन के तहत मंच द्वारा प्रखंड विकास पदाधिकारी गम्हरिया के माध्यम से राज्यपाल झारखंड को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया है जिसमें राष्ट्र भाषा हिंदी, भोजपुरी, मगही,मैथिली, और अंगिका को राज्य कर्मचारी चयन आयोग की क्षेत्रीय भाषाओं में शामिल करने की मांग की गई है. विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों से मिलकर एकता विकास मंच एक राज्यस्तरीय बड़े आंदोलन सड़क से सदन तक करने की रूपरेखा तैयार कर रहा है. इसको लेकर एकता विकास मंच सभी क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाएगा ताकि सरकार के दोहरे मापदंड के बारे में लोगों को बताया जा सके. एके मिश्रा ने कहा कि राज्य में हिंदी भाषा भाषियों के साथ हमेशा पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया जाता रहा है. कभी खतियान के नाम पर तो कभी डोमिसाइल और स्थानीयता के नाम पर, अब क्षेत्रीय भाषाओं के नाम पर तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर हिंदी,भोजपुरी, मगही, मैथिली अंगिका भाषियों के अस्तित्व को ही खत्म करने पर सरकार तुली हुई है. एकता विकास मंच माननीय मुख्यमंत्री और सरकार से मांग करता है कि भेदभाव पूर्ण नीति से ऊपर उठकर सबके विकास की पहल करें ताकि सभी अमन चैन से रह सकें. धरना कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष कमल सिंह, टी एन मिश्रा, श्री करुणा निधि तिवारी, उपाध्यक्ष अनिरुद्ध सिंह ,शुभम कुमार, मुन्ना प्रसाद चंद्रवंशी ,कमलेश शर्मा, मीरा देवी,मधु प्रसाद, मंजुला देवी, रोमी देवी, गुड़िया देवी, स्वीटी कुमारी आदि उपस्थित रहे.     

 

 

Tags:News

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