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कबीर नहीं था दिवाकर, उसके संस्कार को लेकर भिड़ गए पिता बिंदेश्वरी और पत्नी सुल्ताना, जानिए अनूठी प्रेम कथा

BY -
Shreya Gupta
Shreya Gupta
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 12, 2026, 11:27:37 PM

दुमका (DUMKA): दुमका में एक शव को लेकर आज ससुर और बहू में ही तकरार हो गई. ससुर हैं बिंदेश्वरी राउत और बहू का नाम सुल्ताना. जिनके शव को लेकर इनके बीच भिडंत हो रही थी, उन्हें दिवाकर कहा जाता था. दरअसल सुल्ताना और दिवाकर ने प्रेम विवाह किया था. अब दिवाकर कबीर तो थे नहीं. जब कबीर की मृत्यु हुई तो उनके शव को लेकर हिंदू और मुसलमानों के बीच इसी तरह का विवाद हो गया था. कहा जाता है कि उस समय कबीर का शव गुलाब में बदल गया था और दोनों वर्ग के लोगों ने उसे बांट लिया और अपने अपने ढंग से उसका अंतिम संस्कार कर दिया था. चलिये पूरी कहानी जानते हैं.

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क्या है मामला

दुमका के बक्शीबन्ध निवासी बिंदेश्वरी राउत के बड़े पुत्र दिवाकर राउत ने वर्ष 2007 में मुस्लिम समुदाय की लड़की सुल्ताना से प्रेम विवाह किया था. यह शादी परिवार वालों की मर्जी के खिलाफ हुई थी, इसलिए पिता ने बेटे को घर से बेदखल कर दिया. घर से निकाले जाने के बाद दिवाकर पत्नी के साथ अलग रहने लगा. समय के साथ दोनों के दो बच्चे हुए. एक लड़का और एक लड़की. दिवाकर ने जी-तोड़ मेहनत कर दुधानी में एक छोटा सा घर भी बना लिया जिसमे पत्नी और बच्चों के साथ खुशी-खुशी रहने लगा. जीवकोपार्जन के लिए उसने एक छोटा सा गेराज भी खोल लिया. लेकिन दो वर्ष से पत्नी के साथ उसकी तकरार होने लगी. तकरार इतनी बढ़ गयी कि वह पत्नी और बच्चों को छोड़ कर किराए के घर मे अकेला रहने लगा. इस बीच वह कई तरह की बीमारियों से ग्रसित हो गया. इलाज के दौरान फूलो झानो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में आज उसकी मौत हो गयी.

शव के लिए पिता और पत्नी आमने सामने

दिवाकर की मौत की खबर सुनकर उसके पिता और परिजन फूलो झानो मेडिकल कॉलेज पहुचे जहां पत्नी सुल्ताना बीबी भी मौजूद थी. शव ले जाने के लिए पिता और पत्नी आमने-सामने हो गए. दोनों शव को अपने अपने साथ ले कर जाने की जिद पर अड़ गए. पत्नी मुस्लिम रीति-रिवाज से तो पिता हिन्दू रीति-रिवाज से शव का अंतिम संस्कार करना चाहते थे. यह बात जंगल मे आग की तरह फैल गयी. काफी संख्या में दोनों समुदाय के लोग फूलो झानो मेडिकल कॉलेज में एकत्रित हो गए.

पुलिस को करना पड़ा हस्तेक्षप

फूलो झानो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल परिसर का माहौल बिगड़ता देख इसकी सूचना पुलिस को दी गयी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ नूर मुस्तफा अंसारी, मुख्यालय डीएसपी बिजय कुमार और नगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची. दोनों पक्षों से बात कर समझाने का प्रयास किया गया. अंत में पुलिस ने शव पत्नी के हवाले कर दिया. पिता ने भी पुलिस को लिख कर दिया कि शव पर उसका कोई दावा नहीं है. पुलिस की निगरानी में पत्नी पति के शव को लेकर गयी और मुश्लिम रीति रिवाज से उसका अंतिम संस्कार होगा. पत्नी का आरोप है कि ससुराल वाले संपत्ति में हिस्सेदारी नहीं देना चाहते हैं.

 

 

Tags:News

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