धनबाद(DHANBAD): “हम लोगों का मकसद रेलवे को नुकसान पहुंचाना नहीं है, न किसी यात्री को तकलीफ देना है और न सड़क से आने जाने वाले लोगों को दिक्कत पहुंचाना है. मकसद सिर्फ एक ही है कि सरकार हम लोगों की सुन लें और सरकार को सुनाने के लिए ही हम लोगों ने रेलवे ट्रैक जाम किया है और धरना-प्रदर्शन कर रहे है”. ऐसा कहना हैं केंद्र सरकार के फैसले से नाराज सेना के अभीर्यथियों का.
कोयलांचल में तनाव
अग्निपथ योजना को लेकर कोयलांचल में भी माहौल गर्म और तनावपूर्ण बन गया है. यहां डिगवाडीह से चले छात्रों का हुजूम तमाम बैरिकेडिंग को लांघते-फांदते हुए रेलवे ट्रैक पर पहुंचा और ट्रैक को जाम कर दिया. इसके पहले पुलिस ने इन्हें बैंक मोड के पास रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं रुके. वहीं स्टेशन के मुख्य द्वार से तो उन्हें प्रवेश नहीं मिला. लेकिन गया पुल होते हुए आंदोलनकारी रेलवे ट्रैक पर जा कर बैठ गए. हालांकि प्रदर्शन के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस की ठोस व्यवस्था की गई थी. जीआरपी, आरपीएफ और जिला पुलिस के जवान पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात थे. एसडीएम भी सक्रिय होने के साथ आंदोलनकारी छात्रों को समझाने की कोशिश में जुटे रहे.
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नई व्यवस्था को बंद करने की मांग
आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि उनकी मांगें मान ली जाए क्योंकि उनके लिए यह जिंदगी और मौत का सवाल है. साल 2019 में भी उन लोगों ने सेना में बरती के लिए आवेदन किया, मेडिकल आदि हो गया और अब कहा जा रहा है कि नई व्यवस्था अग्निवीर के तहत वह आवेदन करें. उनकी एक ही मांग है कि नई व्यवस्था को बंद किया जाए और पुरानी व्यवस्था को लागू की जाये.
क्या है अग्निपथ भर्ती की नई योजना'?
अग्निपथ भर्ती योजना'(Agnipath scheme) के तहत युवाओं को चार साल की अवधि के लिए सेना में शामिल होने का मौका मिलेगा. 17.5 साल से 21 साल के युवा इस भर्ती में शामिल होने के पात्र होंगे. इसके लिए 10वीं से लेकर 12वीं तक के छात्र आवेदन कर सकेंगे. जो युवा 10वीं के बाद भर्ती होंगे उन्हें सेना की ओर से 12वीं का सर्टिफिकेट दिया जाएगा. इस साल 46 हजार अग्निवीरों की भर्ती की जाएगी. पहली भर्ती प्रक्रिया में युवाओं को छह महीने की ट्रेनिंग दी जाएगी. ट्रेनिंग का समय भी चार साल में शामिल होगा.
रिपोर्ट : शाम्भवी सिंह, धनबाद
