सिमडेगा(SIMDEGA): अभी तक आपने गहने, बर्तन, मवेशी और पैसे आदि की चोरी के बारे में सुना होगा. लेकिन क्या आपने सुना है कि नदी पर बने पुल भी चोरी होते हैं. सिमडेगा के चोर इतने शातिर हैं कि पुल भी चोरी करने से बाज नहीं आ रहे हैं.

पुल में लगे लोहे के छड़ों को काट कर बेच रहे हैं चोर
सिमडेगा के बीरू से तामडा होते हुए छतीसगढ तक जाने वाली सड़क पर पालामाडा नदी पर बना पुल चोरों के निशाने पर है. चोरों ने इस पुल का दो तिहाई हिस्सा गैस कटर से काटकर चुरा लिया. पुल के गार्डवाल और फुटपाथ, दोनों का वजनदार सैकडों टन लोहा काट कर बेचा जा चुका है. जिसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है. गौरतलब है कि यह पुल विशेष प्रमंडल विभाग द्वारा वर्ष 2010-11 में इस उदेश्य से बनवाया गया था कि इसी पुल के रास्ते बाइपास भी निकाली जाएगी. लेकिन पुलिया इतनी कमजोर बनी कि बिना उपयोग हुए ही वर्ष 2019 के तेज बारिश में ध्वस्त हो गई ।
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चोरी की बाइक लिए सड़कों पर धुआं उड़ाता रहा चोर
उक्त पुल के निर्माण के समय ही पुल की गुणवत्ता पर सवाल उठे थे, परंतु विभागीय उदासीनता और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के कारण घटिया पुल बना जो बाद में क्षतिग्रस्त हो गया. जिसके बाद ना तो पुल की मरम्मत हुई और ना ही पुनः निर्माण की कोई कवायद. नतीजतन पानी के साथ पुल भी धंसता चला गया और अब पुल चोरों के लिए लाॅटरी लगने जैसी बात हो गई है. लाखों रुपए के लोहे अबतक चोरी हो गए हैं. तामडा वासियों की माने तो बड़े चोरों के साथ गांव के शराबी भी इस पुल की छड़ पर हाथ साफ करते हैं. छड काटा बेचा और शराब पीकर हंगामा किया जात है. बस इन शराबियों का यही काम रह गया है. स्थिति ये है कि सिमडेगा के कबाडी वाले भी सीधे अब इन शराबियों से ही संपर्क करने लगे हैं.
चोरी हो रही सरकारी संपति और बेखबर है प्रशासन
बीरू के नव निर्वाचित मुखिया गंगाधर लोहरा की मानेँ तो विभाग कभी भी इस पुल को लेकर सीरियस नहीं हुआ है. उन्होंने कहा पुल निर्माण का स्थल चयन ही गलत हुआ था. जिसके कारण पुल धंस गया और अब चोर इस बचे खुचे ढांचे को भी चोरी कर ले जा रहे हैं. उन्होने कहा शपथ ग्रहण के भाव से वे इस पुलिया निर्माण के लिए जिला प्रशासन से मांग करेगें. जिससे लोगों को राहत मिल सके.
रिपोर्ट: अमित रंजन, सिमडेगा
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