धनबाद(DHANBAD): 48 दिनों से धरना पर और कार्रवाई के नाम पर कुछ भी नहीं. इसके उलट विकास का ढिंढोरा पीटना कहां तक उचित है. जी हां, हम बात कर रहे हैं आईआईटी पास और बीसीसीएल में अप्रेंटिस किये छात्रों की. छात्र 48 दिनों से बीसीसीएल मुख्यालय पर बेमियादी धरना दे रहे हैं. छात्र आंदोलन के अपने दूसरे चरण में 48 दिनों से बेमियादी धरना पर हैं और कसम खाकर बैठे हैं कि नौकरी लेंगे या फिर यहीं से हम लोगों की अर्थी उठेगी. उनकी परेशानी जानने शनिवार को पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष व वरीय कांग्रेस नेता अशोक कुमार सिंह पहुंचे. छात्रों से कहा, उनका प्रयास होगा कि वह उस दिशा में जो भी कर सकते है करेंगे.
आउटसोर्सिंग कंपनियां नहीं दे रही स्थानीय लोग को रोजगार
कांग्रेस नेता अशोक कुमार सिंह ने छात्रों से कहा कि केंद्र सरकार की योजना के तहत ही कौशल विकास का काम होता है. नियम है कि ट्रेनिंग के बाद उन्हें कहीं नौकरी दी जाये. अशोक सिंह के अनुसार 1961 में ऐसा कानून भी बना था. बीसीसीएल में अभी बहाली बंद है और सारे काम आउटसोर्स के जरिए हो रहे है. ऐसे में भी एक नियम है कि जितने रोजगार जेनरेट हो, उसमें 20% नौकरी स्थानीय लड़कों को मिले. लेकिन आउटसोर्सिंग कंपनियां ऐसा नहीं करती और बीसीसीएल भी दबाव नहीं बनाता. उन्होंने कोयलांचल में ट्रेड यूनियन की राजनीति करने वाले नेताओं से अपील की कि वह बीसीसीएल प्रबंधन पर दबाव बनाएं और लड़कों को रोजगार उपलब्ध कराये. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यहां के अधिकांश नेता आउटसोर्सिंग कंपनियों से रंगदारी वसूलते हैं और 20% वाले नियम में अपने कुछ चुनिंदा लोगों को बहाल करा कर मुंह मोड़ लेते हैं. उन्होंने मांग की है कि 48 दिनों से बैठे आंदोलनकारी छात्रों की मांग पूरी होनी चाहिए.
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प्रभारी मंत्री बन्ना गुप्ता को आवेदन देने का दिया सुझाव
उन्होंने प्रशासन से भी अनुरोध किया है कि बीसीसीएल प्रबंधन पर रोजगार देने के लिए दबाव बनाया जाना चाहिए. अशोक सिंह ने आंदोलनरत छात्रों से कहा कि आप धनबाद के प्रभारी मंत्री बन्ना गुप्ता के नाम से एक आवेदन बनाएं और वह मंत्री के पास साथ चलेंगे और उनसे अनुरोध करेंगे कि धनबाद जिला प्रशासन छात्रों से बात करें. बीसीसीएल प्रबंधन पर दबाव बनाए जिससे कि उन्हें रोजगार मिल सके. ट्रेड यूनियन चलाने वालों की भी जवाबदेही बनती है कि वह आंदोलनरत छात्रों की परेशानियों को देखें और बीसीसीएल प्रबंधन पर दबाव देकर इन्हें नौकरी दिलवाने का प्रयास करे.
रिपोर्ट : शाम्भवी सिंह के साथ प्रकाश, धनबाद
