देवघर(DEOGHAR): पूर्व मंत्री और सारठ विधायक रणधीर सिंह और उनके बहनोई अशोक राय पर देवघर के चितरा थाना मे इंडियन इलेक्ट्रिसिटी के विभिन्न एक्ट के तहत मामला दर्ज़ कराया गया है. यह मामला मधुपुर विद्युत आपूर्ति के कार्यपालक अभियंता सरताज़ कुरैशी ने दर्ज कराया है. थाना में दिए गए लिखित आवेदन में विधायक और उनके बहनोई पर निजी परिसर में विधुत विभाग का जला हुआ 37 ट्रांसफार्मर अवैध रूप से रखने का आरोप लगाया गया है.
विधायक आवास के समीप की गई छापेमारी
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कार्यापालक अभियंता ने अपने आवेदन मे लिखा है कि गुप्त सुचना मिलने के बाद विद्युत विभाग ने एक जांच टीम का गठन किया. इसके अलावा प्रखंड स्तर के अधिकारियों को सहयोग करने की अपील की गयी. नौ जून को चितरा के सहरजोरी स्थित विद्यायक आवास के समीप बंद पड़े स्टोन क्रशर प्लांट मे छापेमारी चलायी गयी थी. इस दौरान 25 केवीए का जला हुआ 33 ट्रांसफार्मर और 16 केवीए का जला हुआ 4 ट्रांसफॉर्मर बरामद किया गया. सभी जले हुए ट्रांसफार्मर को जब्त करते हुए देवघर स्थित स्टोर रूम भेजा गया. आवेदन में सभी जले हुए ट्रांसफार्मर की कीमत 7 लाख 17 हज़ार 194 रुपए बताया गया है.
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विधायक के दबाव में कार्यपालक अभियंता नहीं कर रहे कार्रवाई !
आवेदन में कार्यपालक अभियंता पर आरोप लगाया गया कि वो विधायक के दबाव में आकर कार्रवाई नहीं कर रहे है. निजी परिसर से मिले सभी सरकारी ट्रांसफार्मर के खिलाफ इंडियन इलेक्ट्रिसिटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज करने का निवेदन किया गया था. आवेदन पर चितरा थाना में 34/22 केस रजिस्टर्ड हो चुका है. अब सवाल उठता है कि पिछले 6 से 7 वर्ष पहले ट्रांसफार्मर यहां रखने के पीछे क्या मंशा होगी, यह तो जांच के बाद मालूम चलेगा. लेकिन इतने साल बीतने के बाद मामला सामने आया, जबकी विद्युत विभाग द्वारा प्रतिवर्ष लेखा-जोखा करने के बावजूद अब मामला प्रकाश में आना विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठा रहा हैं. कहीं ना कहीं यह मामला राजनीतिक रंग ले सकता है.
रिपोर्ट: रितुराज सिन्हा, देवघर
