गुमला(GUMLA): गुमला के घाघरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की एएनएम की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई. इसके बाद गुस्साए स्वास्थ्य कर्मी सड़क पर उतर आए. उन्होंने लगभग एक घंटे तक सड़क जाम कर दिया. जाम हटवाने के लिए थानेदार अभिनव कुमार, बीडीओ विष्णु देव कच्छप और सीओ प्रणव ऋतुराज लोगों को समझाने पहुंचे. तब जाकर उन्होंने जाम हटाया.
इसके बाद अस्पताल परिसर में सीएस डॉक्टर राजू कच्छप, स्वास्थ्य विभाग के डीपीओ डॉक्टर केके मिश्रा और प्रभारी चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर एके एक्का ने सभी कर्मियों को समझाया. कर्मियों का कहना था कि कोविड-19 टीकाकरण के लिए एएनएम जा रही थी. इस दौरान सड़क दुर्घटना में मौत हुई है. कोरोना गाइडलाइन में जो उचित मुआवजा है उसे मिलना चाहिए जिस पर सीएस ने समझाते हुए कहा कि अब उस तरह के प्रावधान खत्म कर दिए गए हैं.
चन्दा इकट्ठा कर बीडीओ और सीओ ने दिए अंतिम संस्कार के लिए पैसे
इसके बाद बीडीओ, सीओ और सीएस के अलावा कई लोगों ने चंदा इकट्ठा कर मृत एएनएम के परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए पैसा दिया. वही पोस्टमार्टम के बाद प्रक्रिया के तहत अंचल से दस हजार रुपये देने की भी बात कही. इस दौरान सड़क जाम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि एएनएम की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी. बीते 6-7 महीने से हम लोगों को वेतन नहीं मिला है और ऐसी स्थिति में प्रत्येक दिन हम लोगों से काम लिया जाता है. एक दिन भी काम पर नहीं आने पर हाजिरी काट दी जाती है और वेतन भी काट दिया जाता है.
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एएनएम ने मांगा अपना अधिकार
उन्होंने कहा कि हमें मिलने वाली सुविधाओं में आधा से अधिक तो अधिकारी खा जाते है. हमें जो वेतन मिलना है, वह भी समय पर नहीं मिल रहा है. मृतक निर्मला काफी तनाव में थी. हमेशा कहती थी कि घर कैसे चलेगा, वेतन नही मिल रहा है. ऐसी स्थिति में वह काम में जा रही थी और अचानक सड़क दुर्घटना में उसकी मौत हो गई. बता दें कि आर्थिक स्थिति खराब और किराये के पैसे नहीं होने के कारण एक महीने के लिए आवेदन लिखकर निर्मला ने छुट्टी भी ली थी. सभी एएनएम ने कहा कि हमें हमारा अधिकार और समय पर वेतन मिलना चाहिए ताकि हम सभी अच्छे ढंग से काम कर पाएं. इस दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने अधिकारियों को खरी-खोटी भी सुनाई.
रिपोर्ट: सुशील कुमार सिंह, गुमला
