☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • TNP Special Stories
  • Health Post
  • Foodly Post
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Art & Culture
  • Know Your MLA
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • Tour & Travel
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • Education & Job
  • News Update
  • Special Story
  • Religion
  • YouTube
  1. Home
  2. /
  3. News Update

फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में अल्ट्रासाउंड नहीं होने पर भड़के लोग, किया हंगामा

फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में अल्ट्रासाउंड नहीं होने पर भड़के लोग, किया हंगामा

दुमका(DUMKA): संथाल परगना प्रमंडल के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले, इसके लिए दुमका में फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज की स्थापना की गई. इसके बाबजूद लोग बेहतर स्वास्थ्य सुविधा से वंचित है.  आज अल्ट्रासाउंड नहीं होने पर मरीज और उनके परिजनों ने जमकर हंगामा किया. लोगों की मांग थी कि पहले उनके मरीज की अल्ट्रासाउंड जांच की जाए. करीब एक घंटे बाद अधीक्षक ने मामला शांत कराया. 

केवल एक रेडियोलाजिस्ट के भरोसे हो रही जांच 

फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अभी निजी कंपनी मणिपाल हेल्थ मैप ही अल्ट्रासाउंड करती है. यहां पर मरीज से शुल्क के रूप में 323 रुपया लिया जाता है, जबकि बाहर कराने पर एक हजार तक लिया जाता है. जिस कारण रोज एक सौ से अधिक महिलाएं जांच के लिए आती हैं. जांच के लिए केवल एक रेडियोलाजिस्ट स्नेहा कुमारी है जो दिन भर में लगभग 40 लोगों की जांच कर ही रिपोर्ट दे पाती हैं. बाकी जो बच जाते हैं उनका नंबर लगाकर तिथि बता दी जाती है. 

अस्पताल में डॉक्टरों की कमी 

आज  बड़ी संख्या में महिलाएं परिजन के साथ अल्ट्रासाउंड जांच के लिए पहुंच गयी. जब सभी को बताया कि अभी पहले से जो प्रतीक्षा में हैं, उनकी जांच की जाएगी.  आप लोग नंबर लगा दीजिए . इसके बाद सभी को तय तिथि पर आना होगा. इस बात पर परिजन भड़क गए. उनका कहना था कि उनके मरीज की स्थिति ठीक नहीं है, पहले जांच कर दें.  जब कर्मियों ने ऐसा करने से मना किया तो लोग और आक्रोशित हो गए और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. लोगों ने अस्पताल अधीक्षक डा. रवींद्र कुमार को बताया कि कर्मी जानबूझकर उनके लोगों की जांच नहीं कर रहे हैं. इस पर अधीक्षक ने बताया कि स्नेहा कुमारी केवल निजी कंपनी के लिए काम करती हैं.  एक रेडियोलाजिस्ट होने के नाते एक दिन में 40 से अधिक जांच संभव नहीं है. पहले से लोग लाइन में हैं.  बताया कि रोज एक सौ मरीज जांच के लिए आते हैं. सभी की जांच नहीं हो सकती है. बचे हुए लोगों को निर्धारित तिथि पर आना चाहिए. जिस तरह से मरीज की संख्या बढ़ रही है, उसे देखकर चार रेडियोलाजिस्ट होना जरूरी है.  सरकार भी डाक्टर नहीं दे पा रही है.  इसलिए अनावश्यक कंपनी पर दबाव बनाना उचित नहीं है. इसके बाद लोग शांत हुए. 

रिपोर्ट: पंचम झा, दुमका 

Published at:06 Jun 2022 05:48 PM (IST)
Tags:News
  • YouTube

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.