सरायकेला (SARAIKELA) – झारखंड के पर्यटन स्थलों में से एक सरायकेला खरसावां जिले का चांडिल डैम भी है. यहां का दृश्य पर्यटकों को आकर्षित करता है. इस डैम की खूबसूरती बढ़ाने के लिए डैम के जलस्तर को 183 मीटर तक बढ़ाया जाना है. यह योजना जल संसाधन विभाग की है. लेकिन स्थानीय ग्रामीण इसका विरोध रहे हैं. पहले से ही कई गांव पर डेम् के कारण विस्थापित हो चुके हैं. रतन सिंह मुंडा की अध्यक्षता में हुई आईबी में 116 गांव विस्थापित युवा संगठन की बैठक में डैम का जलस्तर 183 मीटर किए जाने के निर्णय का विरोध किया गया.
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विस्थापितों ने क्या कहा
विस्थापितों का कहना है कि चार दशक बाद भी चांडिल डैम के कई विस्थापितों को मुआवजा का भुगतान नहीं किया गया है. उन्होंने विभाग से मांग की है कि विस्थापितों को पहले संपूर्ण मुआवजा का भुगतान करें उसके बाद ही चांडिल डैम का जलस्तर को बढ़ाने के बारे में सोचें. उन्होंने आगे कहा कि यह विडंबना ही है कि पहले मुआवजा का भुगतान किया जाता है. इसके बाद ही लोगों की विस्थापित किया जाता है. लेकिन, स्वर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना में इसके विपरीत पहले विस्थापित कर दिया गया उसके बाद मुआवजा का भुगतान किया जा रहा है. वहीं बैठक में विस्थापित हित में आंदोलन करने की रणनीति भी तय की गई.
रिपोर्ट : रंजीत ओझा, जमशेदपुर
