कोडरमा(KODARMA) : केंद्र सरकार और राज्य सरकार दावा करती है कि ग्रामीण इलाके में नल से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति करेगी. लेकिन सरकार का ये दावा पूरी तरह खोखला साबित हो रहा है. सरकार की ये योजना धरातल पर नहीं उतर रही है. इसका ताजा उदाहरण कोडरमा जिला के ये गांव हैं . डोमचांच के बंगाखलार पंचायत के मौलवीबागी, तैतरीयाटोला, बाराटोला गांव के लोग नाले के किनारे चूआं बनाकर पानी पीने को मजबूर हो रहे हैं. इसी वजह से वहां के लोग गंभीर बीमार की चपेट में आ रहे हैं.
चुआं के पानी पीने से प्यास बुझा रहे लोग
गांव के लोगों ने बताया कि एक चापाकल लगा है़, उससे गन्दा पानी निकलता है़. इसलिए 35 घर के लोग विवश होकर नाले किनारे में चूआं बनाकर पानी जमा कर पीते है़ं. लोगों ने कहा अधिकारी, नेता सभी से अपनी समस्याओं को बता चुके हैं पर अब तक पहल नहीं हो पाया है़. इस तपती गर्मी में पानी संग्रह होने में काफी समय इंतजार करना पड़ता है़. पानी की व्यवस्था में दिनभर समय निकल जाता है़. लोग काम पर भी नहीं जा पाते है़ं. परिवार चलाना भी मुश्किल हो जाता है. इसके साथ ही स्थानीय नेता और जिला प्रशासन से आग्रह है कि हम सब गरीब मजदूरों के लिये स्वच्छ पानी की व्यवस्था की जाए.
रिर्पोट- संजय शर्मा, कोडरमा
