गुमला(GUMLA): जिले के भरनो प्रखण्ड के अम्बवा पोखरटोली के चौकी टंगरा के समीप मंगलवार की सुबह एक जंगली भालू की मौत हो गई. जब ग्रामीणों की नजर मृत भालू पर पड़ी तो देखने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी और मृत भालू को लेकर लोग तरह-तरह की अटकलें लगाने लगे. अटकलों के बीच ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन-विभाग बसिया को दिया.
सूचना मिलने पर वन विभाग बसिया के प्रभारी वनपाल लिबनुस कुल्लू, राकेश कुमार मिश्रा, विद्या सागर भगत और भीखराम उरांव घटना स्थल पर पहुंचे और मृत भालू को कब्जे में लेते हुए प्रखण्ड पशु चिकित्सा विभाग भरनो के पास पहुंचाया, जहां भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ विजय भारती और बीएचओ डॉ अमरेंद्र नारायण सिन्हा द्वारा मृत भालू का पोस्टमार्टम किया गया. पोस्टमार्टम कर मृत भालू का लंग, लिवर, हर्ट, किडनी, एसप्लीन और आंत का पार्ट निकाल कर वन विभाग को सौंप दिया गया, डॉक्टरों ने बताया इन पार्ट्स को जांच के लिए फोरेंसिक लैब रांची भेजा जाएगा. डॉक्टरों ने बताया कि मृत मादा भालू की उम्र लगभग 10 से 12 वर्ष होगी. भालू की मौत उसके पूरे बॉडी में इम्फेक्शन होने के कारण हुई है.
गांव वाले लगा रहे हैं तरह-तरह के अटकलें
बताते चलें कि भालू के पोस्टमार्टम से पहले ग्रामीण तरह-तरह की अटकलें लगा रहे थे कि किसी ने भालू को मार कर फेंक दिया या किसी ने उसे जहर देकर मार डाला. ये अटकलें इसलिए भी लगाए जा रहे थे क्योंकि अम्बवा गांव से महज 3 किलोमीटर की दूरी पर अम्बेरा नगेशियाटोली गांव में बीती 21 अप्रैल को एक जंगली भालू द्वारा एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई थी और चार लोगों को भालू ने घायल भी कर दिया था. गौरतलब है कि अम्बवा, अम्बेरा, करौंदाजोर, महुवाटोली, लोण्डरा, छाता पहाड़, खरतंगा समेत आसपास के कई गांव भालुओं के जद में है, आये दिन खेत मे कार्य करने वाले किसानों की नजर आते-जाते अपने इलाके में भालुओं पर नजर पड़ जाती है, परन्तु अम्बेरा नगेशिया टोली के एक ही दिन तीन ग्रामीणों की भालू के हमले से मौत होने पर आस-पास के ग्रामीण अभी भी डरे हुए हैं. उससे पहले खरतंगा गांव में भी जंगली भालू ने एक ही दिन में तीन लोगो को नोच-नोच कर मौत के घाट उतार दिया था.
रिपोर्ट: प्रेम कुमार सिंह, भरनो(गुमला)
