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67वां राष्ट्रीय रेल पुरस्कार-2022 भुवनेश्वर में संपन्न, 155 अधिकारी-कर्मी सम्मानित

67वां राष्ट्रीय रेल पुरस्कार-2022  भुवनेश्वर में संपन्न,  155 अधिकारी-कर्मी सम्मानित

हाजीपुर ( HAZIPUR ) -  रेल सेवा में विशिष्ट सेवा के लिए  अधिकारियों/कर्मचारियों को सम्मानित करने हेतु इस वर्ष 67वां राष्ट्रीय रेल पुरस्कार-2022 का आयोजन पूर्व तटीय रेल मुख्यालय भुवनेश्वर में किया गया.  समारोह के दौरान  रेल मंत्री ने उल्लेखनीय कार्य प्रदर्शन करने वाले रेलकर्मियों/क्षेत्रीय रेलों को पुरस्कृत किया. इस अवसर पर  रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वित्त वर्ष 2021-22 में ट्रेनों के सुचारू परिचालन और माल लदान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पूर्व मध्य रेल को ट्रैफिक ट्रांसपोर्टेशन शील्ड प्रदान किया. यह शील्ड पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक अनुपम शर्मा द्वारा प्राप्त किया गया. जिनके साथ प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक (PCOM) भी उपस्थित थे .  रेल मंत्री जी द्वारा विशिष्ट सेवा के लिए पूर्व मध्य रेल के 01 अधिकारी एवं 07 कर्मचारियों सहित भारतीय रेल के कुल 155 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पुरस्कृत किया गया. 

 मल्टी डायमेंशनल संस्थान के रूप में रेलवे की पहचान

  इस अवसर पर माननीय रेल मंत्री जी ने कहा कि भारतीय रेल विश्व की ऐसी मल्टी डायमेंशनल संस्थान के रूप में जाना जाता है जो चाहे टेक्नॉलाजी का क्षेत्र हो, चाहे कठिन समय में राष्ट्र की आकांक्षाओं पर खरा उतरने की बात हो या किसी अन्य तरह की चुनौतियों का समाना करने की बात हो उस पर पिछले 100 वर्षों से खरा उतरा है. उन्होंने कहा कि हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं और इस अवसर पर हमें राष्ट्र की आकांक्षाओं को पूरा करने हेतु भारतीय रेल को ट्रांसफॉरमेशन करना होगा. भारतीय रेल में नीचली पायदान पर कार्यरत कर्मचारियों भी उच्च पदों पर कार्यरत अधिकारियों से सीधे संवाद स्थापित कर भारतीय रेल के विकास में अपने विजन दे सकें. उन्होंने कहा कि हम अधिकारियों के साथ-साथ कर्मचारियों को भी विदेश में ट्रेनिंग के लिए भेजने को तैयार हैं । बदलें में उन्हें उच्च स्तरीय कार्य प्रदर्शन करना होगा. भारतीय रेल के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एक परिवार की तरह कार्य करना होगा ताकि हम राष्ट्र की आकांक्षाओं को पूरा कर सकें .  
 
गंगा और उसकी सहायक नदियों के किनारे नेटवर्क

पूर्व मध्य रेल 8513 ट्रैक किलोमीटर तथा 4215 रूट किलोमीटर के विशाल नेटवर्क के साथ बिहार और झारखंड के प्रमुख हिस्सों एवं मध्य प्रदेश तथा उत्तरप्रदेश के कुछ हिस्सों में फैला हुआ है.  पूर्व मध्य रेल के रेल नेटवर्क में एक ओर जहां गंगा और उसकी सहायक नदियों का जाल फैला हुआ है वहीं दूसरी ओर पहाड़ और घने जंगलों जैसी चुनौतियां भी उपलब्ध है. इसके साथ ही गंगा के उपजाऊ मैदानी इलाकों में रहने वाली धनी आबादी की परिवहन संबंधी जरूरतों को पूरा करने हेतु पूर्व मध्य रेल पर काफी संख्या में ट्रेनों का परिचालन किया जाता है. इन विषम परिस्थितियां के बावजूद पूर्व मध्य रेल अपनी कड़ी मेहनत के साथ आधारभूत संरचनाओं के विकास के दम पर कई रेलखंडो पर ट्रेनों की गतिसीमा में बढ़ोत्तरी की गयी जिससे समय पालन में भी काफी सुधार हुआ है.  पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान पूर्व मध्य रेल द्वारा मालगाड़ी, पार्सल स्पेशल और कोविड स्पेशल ट्रेनों का संचालन सुरक्षित और प्रभावी ढंग से किया गया. इन सब का परिणाम रहा कि पूर्व मध्य रेल को कई वर्षों के उपरांत ट्रैफिक ट्रांसपोर्टेशन शील्ड प्राप्त करने का गौरव हासिल हुआ है । 

95 फीसदी ट्रेनों का परिचालन शुरू

वर्तमान में कोविड पूर्व चलने वाली 95 प्रतिशत से भी अधिक ट्रेनों का परिचालन पुनः प्रारंभ किया जा चुका है. कोविड के बावजूद 2021-22 में पूर्व मध्य रेल ने  167 मीलियन टन माल लदान कर चौथा सबसे अधिक माल लदान करने वाला क्षेत्रीय रेल तथा इससे 19,328 करोड़ रूपए की आय के साथ तीसरा सबसे अधिक मालभाड़ा राजस्व अर्जित करने वाला क्षेत्रीय रेल बनने का गौरव हासिल किया . 

रिपोर्ट - अमित रंजन , सिमडेगा. 

 

Published at: 29 May 2022 02:20 PM (IST)
Tags:News

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