धनबाद(DHANBAD): बाघमारा के भाजपा विधायक ढुल्लू महतो से प्रताड़ित परिवार पिछले 4 मई से अनशन पर है. वह न्याय मांग रहा है लेकिन उसे इस तरह उलझाया जा रहा है कि उन के सामने आगे गड्ढा, पीछे खाई वाली स्थिति पैदा हो गई है. पिछले 24 घंटे से समझौते का नाटक हो रहा है. विधायक के भाई शरद महतो, बाघमारा के अंचलाधिकारी, बरोरा के थाना प्रभारी शांति देवी सहित सदर अस्पताल पहुंचे और वहां भर्ती अशोक महतो से समझौते की पहल की. तय हुआ कि अशोक महतो की आधी दुकान पर शांति देवी का कब्जा होगा और आधी दुकान अशोक महतो चलाएंगे, लाचार विवश और असहाय अशोक महतो इस पर भी राजी हो गए.
समझौते के नाम पर लिया गया अंगूठा
कागजात पर साइन हो गया लेकिन जब दूसरे पक्ष को हस्ताक्षर करने की बारी आई तो सब खिसक लिए. इस बीच आज बाघमारा चीताही धाम मंदिर के सामने अशोक महतो की दुकान के सामने लगाया गया टैंकर को हटा लिया गया है. आधे हिस्से के सामने की ईंट को भी हटा दिया गया है. लेकिन समझौता वार्ता के लिए जो कागजात अशोक महतो को दिए गए हैं, उसमें शांति देवी के अंगूठे का निशान लगाया गया है, उस पर अशोक महतो और उसके परिवार को संदेह है. उनका कहना है कि उनके साथ धोखा हो रहा है. इधर, यह मामला आज फिर तूल पकड़ा. झारखंड प्रदेश इंटक के प्रदेश सचिव अशोक लाल धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने कहा कि जो कागजात अशोक महतो को दिया गया है, उसमें शांति देवी का हस्ताक्षर सही है अथवा फर्जी, इसकी पुष्टि कौन करेगा.
जल्द करें निदान
समझौता वार्ता के कागजात संदेहास्पद लग रहे हैं. उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सोमवार तक इसका निदान करा लिया जाए अन्यथा मंगलवार से वह खुद धरना में शामिल हो जाइए. शुक्रवार को विधायक ढुल्लू महतो के भाई शरद महतो ने उल्टे अशोक महतो पर ही आरोप लगाया कि अशोक महतो समझौता से भाग रहे हैं. कुल मिलाकर मामला इस ढंग से उलझा दिया गया है कि एक गरीब परिवार त्राहि-त्राहि कर रहा है. अशोक महतो की बेटी सुनीति कुमारी का कहना है कि लाचारी में उन लोगों ने कागजात पर हस्ताक्षर किए ताकि थोड़ी भी जगह मिल जाएगी तो कम से कम पेट तो चलेगा लेकिन इसमें भी फर्जीवाड़ा किया जा रहा है.
रिपोर्ट : प्रकाश, धनबाद
