दुमका(DUMKA): खनिज संपदा से भरपूर झारखंड की उपराजधानी दुमका हमेशा से अवैध खनन और परिवहन को लेकर बदनाम रहा है. वर्तमान डीसी रविशंकर शुक्ला के जिला में योगदान करते ही सबसे पहले अवैध खनन और परिवहन पर अंकुश लगाने का प्रयास शुरू हुआ है. खनन टास्क फोर्स को बार-बार सख्त निर्देश देने के बावजूद समय-समय पर प्रशासनिक कार्रवाई भी हुई, लेकिन अंकुश नहीं लग पाया. हालात कुछ ऐसा हुआ कि खुद डीसी को मोर्चा संभालना पड़ा. लगातार 2 रात तक डीसी ने खुद सड़कों पर उतरकर मोर्चा संभाला. आलम यह हुआ कि पहली रात ही लगभग 40 वाहनों को जब्त किया गया और 27 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया.
दूसरे दिन अवैध पत्थर खदान पर डीसी ने की कार्रवाई
जब प्रशासन की कार्रवाई से सड़के अवैध परिवहन से वीरान हो गयी तो दूसरे दिन डीसी ने शिकारीपाड़ा अंचल क्षेत्र में चल रहे अवैध पत्थर खदान और क्रशर पर कार्रवाई शुरू कर दी. इसके लिए 14 टीम गठित किए गए. सुबह से ही शिकारीपाड़ा अंचल के काठपहाड़ी कुलकुलीडांगल, गोसाई पहाड़ी, रामजान, बेनागाडिया, चीरापाथर, कौवामहल, चित्रा गढ़िया, आम चुवा, शहरपुर, मछलाडीह, सालतोला पहाड़, सरसडंगाल और मकड़ा पहाड़ी मौजा में प्रशासनिक कार्रवाई जारी है. अवैध क्रशर को ध्वस्त किया जा रहा है. खदान को सील किया जा रहा है. कोयला उत्खनन वाले स्थल को डोजरिंग किया जा रहा है. इस कार्य मे एसडीओ महेश्वर महतो, एसडीपीओ नूर मुस्तफा, शिकारीपाड़ा थाना प्रभारी अरबिंद कुमार, बीडीओ, सीओ सहित कई दंडाधिकारी पूरी तत्परता से अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे है. अभी कार्रवाई जारी है. विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है. प्रशासनिक सख्ती से अवैध कार्य मे संलिप्त लोगों के बीच हड़कंप मच गया है.
रिपोर्ट: पंचम झा, दुमका
