धनबाद(DHANBAD) - कोयलांचल में न अवैध उत्खनन का सिलसिला बंद हो रहा है और न ही लोगों के मरने की घटनाएं थम रही है. पुलिस कहती है कि घटनाएं हुई ही नहीं है तो फिर घटनास्थल पर चप्पल, गैंता, पानी के बोतल, मुहाने के बाहर पत्थर पर खून के निशान किसके है. जानकारी के अनुसार रामकनाली में बीसीसीएल एरिया 4 के अंबे माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के ओपन कास्ट प्रोजेक्ट के पास चल रहे अवैध उत्खनन के दौरान गुरुवार को हादसा हो गया.
अवैध खनन करने के क्रम में धंसी चाल
अवैध खनन करने के क्रम में चाल धंस गई और घटनास्थल पर ही एक की मौत हो गई. जबकि 3 से अधिक लोग घायल हो गए. मरने वाले के बारे में बताया जाता है कि वह सलानपुर बस्ती का निवासी था. घटना के बाद मृतक के परिजन शव लेकर चले गए. सूचना तो यह भी है कि शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया है. घायलों का इलाज गुपचुप तरीके से कराया जा रहा है. सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि घटना के 24 घंटे बाद भी कोई अधिकृत बयान नहीं आया है. लेकिन घटनास्थल पर जो साक्ष्य मिले हैं और जो प्रत्यक्षदर्शी बता रहे हैं ,उससे साफ साबित होता है कि घटना घटी है और एक की मौत हो गई है. गौरतलब है कि अवैध उत्खनन रोकने के लिए तमाम अधिकारी दिशा -निर्देश दे रहे हैं और दिए है.
अकूत कमाई का असर
मुख्यमंत्री तक कह चुके हैं कि अवैध उत्खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बावजूद कोयलांचल में अवैध उत्खनन की रफ्तार में थोड़ी भी कमी नहीं आई है. 'रिमोट' से धंधा चलाने वाले लोग निडर होकर बेधड़क अवैध खनन करा रहे है. कोयले की खपत स्थानीय उद्योगों के अलावा फर्जी जीएसटी पेपर पर दूसरे प्रदेशों को भी भेज रहे है. बता दें कि कतरास इलाके में अगर इस साल की घटनाओं की बात करें तो 8 जनवरी' 22 को डेको आउटसोर्सिंग के जरलाही पैच में युवती की मौत हो गई थी और 3 लोग घायल हुए थे. वहीं 21 फरवरी' 22 को डेको के ही फुलारीटांड पैच में एक महिला की मौत हो गई थी, 2 घायल हुए थे. 8 मार्च '22 को गणेशपुर में अवैध उत्खनन में महिला की मौत हो गई थी, 6 घायल हुए थे. 31 मार्च 22 को मुराईडीह के 4ए पैच में महिला और युवती की मौत हो गई थी. 8 अप्रैल '22 को महुदा के जामडीह में खदान का मलबा गिरने से युवती समेत दो मारे गए थे. 30 अप्रैल' 22 को बरोड़ा के बंदे डेको पैच में मलबे में दब कर छह घायल हो गए थे. 27 मई '22 को कतरास के रामकनाली में एक की मौत हो गई है, जबकि 3 घायल हुए है. यह आंकड़ा कोई गुप्त नहीं है बल्कि सार्वजनिक है फिर भी अवैध खनन थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस काले धंधे में अकूत कमाई का असर है कि निरोधात्मक कार्रवाई करने वाली एजेंसियां भी चुप बैठी है.
रिपोर्ट : ओम प्रकाश, धनबाद
