धनबाद(DHANBAD) - धनबाद का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल SNMMCH में बेहतर इलाज के लिए गिरिडीह से भी लोग यहां आते हैं. जामताड़ा से भी मरीज इलाज के लिए यहां पहुंचते हैं. दुमका तक के लोग आते रहते हैं. ऐसे में इस अस्पताल पर बहुत दवाब होता है, लेकिन व्यवस्था ऐसी कि अगर आपके पेट में दर्द आज है तो अल्ट्रासाउंड कराने के लिए आपको महीना डेढ़ महीना तक इंतजार करना पड़ सकता है. ऐसी हालत में लोकल सहित दूरदराज से आने वाले मरीजों की क्या हालत होती होगी इसका अंदाजा सिर्फ लगाया ही जा सकता है.
अस्पताल में तीन और रेडियोलॉजिस्ट की जरुरत
आमतौर पर आर्थिक रुप से कमजोर मरीज ही इलाज के लिए सरकारी अस्पताल का रुख करते है. क्योंकि वह जानते है कि यहां उनका उचित और सस्ता इलाज होगा. ऐसे में धनबाद के सबसे बड़े अस्पताल का खुद बीमार होना कई मरीजों के लिए निराशाजनक हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि यहां की लचर व्यवस्था लोगों के लिए परेशानी बन गई है. दूरदराज़ से आए मरीजों को यहां कि अव्यवस्था से समस्या का सामना करना पड़ रहा है. इस संबंध में अस्पताल के अधीक्षक एके वर्णवाल कहना है कि अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की कमी है. हाल फिलहाल में एक मशीन लगाई गई है. जिसकी भी अपनी क्षमता है. ऐसे में 40 से 50 मरीजों का अल्ट्रासाउंड एक साथ होना मुमकिन नहीं है. इस परिस्थिति में अल्ट्रासाउंड करने के लिए बचे हुए मरीजों को अगले दिन की तारीख तय कर दी जाती है. मरीजों के अनुसार अस्पलात में कम से कम तीन रेडियोलॉजिस्ट की जरूरत है. तब कहीं जाकर स्थिति सामान्य होगी. इसके लिए सरकार को कई बार पत्र भी लिखने के साथ अनुरोध भी किया गया है. लेकिन अब तक अस्पलात में रेडियोलॉजिस्ट नहीं लाया गया हैं.
रिपोर्ट : शांभवी सिंह, धनबाद
