देवघर (DEOGHAR) - आगामी माह जून में किसी भी दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन देवघर एयरपोर्ट का उदघाटन कर सकते हैं. सूत्रों कि माने तो राज्यसभा चुनाव के आसपास उदघाटन होने की संभावना है. फिलहाल एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए एप्रोच पथ का निर्माण कार्य जिला उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की मॉनिटरिंग में युद्ध स्तर पर किया जा रहा है. एयरपोर्ट को पिछले महीने ही DGCA(directorate general of civil aviation) द्वारा 3C एरोड्रम का लाइसेंस निर्गत किया जा चुका है. लाइसेंस मिलते ही पूरा एयरपोर्ट के टर्मिनल बिल्डिंग सहित इसकी सुरक्षा व्यवस्था झारखंड पुलिस की बागडोर में आ गया है. रनवे और atc बिल्डिंग एयरपोर्ट ऑथोरिटी के कमान में है. फिलहाल सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक ही atc कार्य कर रही है.
एयरपोर्ट का निरीक्षण
4C एरोड्रम का लाइसेंस निर्गत होने के बाद एयरपोर्ट चौबीसों घंटे काम करने लगेगी. इसके लिए dgca की टीम इसी सप्ताह किसी दिन देवघर एयरपोर्ट का निरीक्षण करने आएगी. इस क्रम में dgca द्वारा यात्रियों की मुहैया होने वाली सुविधा और सुरक्षा का भी जानकारी लेगी. निरीक्षण करने के बाद dgca द्वारा 4C एरोड्रम का लाइसेंस देवघर एयरपोर्ट को निर्गत कर दिया जाएगा. लाइसेंस मिलते ही यहां से एयरबस 320 तक की हवाई सेवा शुरू हो जाएगी.
AAI के चेयरमैन करेंगे दौरा
Dgca टीम के साथ या बाद में AAI (airport authority of india) के चेयरमैन का दौरा होगा. दौरा के क्रम में चेयरमैन जिला और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक भी करेंगे. वहीं 3c एरोड्रम के लाइसेंस में एयरपोर्ट पर 72 सीटर जहाज के आवागमन की ही परमिशन दी जाती है. जबकी 4c में airbus 320 या इससे अधिक क्षमता वाली यात्रियों की उड़ान भरने वाली जहाज की अनुमति दी जाती है.
श्रावणी मेला के दौरान मिलेगी श्रद्धालुओं को सुविधा
चूंकि देवघर एयरपोर्ट झारखंड सरकार और केंद्र सरकार दोनों के सहयोग से निर्माण किया गया है. इसलिए इसका उदघाटन भी दोनों सरकार की सहमति से ही की जाएगी. जून में किसी भी दिन इसका उदघाटन होने से जुलाई में शुरू हो रहे मासव्यापी श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं को इसका लाभ मिल सकता है. एरपोर्ट का विधिवत उदघाटन के बाद झारखंड, बिहार,बंगाल के एक दर्जन से अधिक जिलों के लिए एयर कनेक्टिविटी के तौर पर बड़ा वरदान तो साबित होगा.
विदेशी सैलानियों का आना हुआ आसान
हवाई मार्ग के नक्शे पर स्थापित तो हो ही गया है. लेक़िन 4C एरोड्रम का लाइसेंस मिलने के बाद अब विदेशी सैलानियों का भी यहां आना आसान हो जाएगा. यहां के प्रतिभाशाली छात्रों को भी आवागमन की परेशानी से छुटकारा मिल जाएगा. इतना ही नहीं इससे इस क्षेत्र में उद्योग-धंधे का भी भरपूर विकास होगा. स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर मिलेगा.
200 यात्रियों को संभालने की क्षमता
फिलहाल लगभग 654 एकड़ भूमि में फैले इस एयरपोर्ट के निर्माण पर तकरीबन 401 करोड़ से अधिक राशि खर्च की गई है. वहीं 4000 स्क्वेयर मीटर क्षेत्र में टर्मिनल बनाया गया है. जिसके इंट्री और एग्जिट द्वार के ऊपर बैद्यनाथ मंदिर का प्रारूप दिया गया है. ताकि यहां पहुंचने वाले यात्रियों को बाबाधाम का सुखद एहसास हो. 2500 मीटर लंबे रनवे,टर्मिनल बिल्डिंग में छह चेक-इन काउंटर,दो आगमन प्वाइंट और भीड़भाड़ की स्थिति में यहां 200 यात्रियों को संभालने की क्षमता हैं. एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया, DRDO और झारखंड सरकार के सहयोग से देवघर एयरपोर्ट का निर्माण होने से फिलहाल यह देवघर एयरपोर्ट लिमिटेड के नाम से जाना जाएगा. अभी स्पाइस जेट, इंडिगो,गो एयर,एयर इंडिया,विस्तारा एयरलाइन्स द्वारा दिल्ली, मुम्बई और बंगलौर के लिए हवाई सेवा शुरू करने की सहमति दी गई है.
रिपोर्ट : रितुराज सिन्हा, देवघर
