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विधानसभा में कृषि बाजार शुल्क विधेयक नहीं लाएगी सरकार, व्यवसायियों में खुशी की लहर

विधानसभा में कृषि बाजार शुल्क विधेयक नहीं लाएगी सरकार, व्यवसायियों में खुशी की लहर

जमशेदपुर ( JAMSHEDPUR ) - झारखण्ड सरकार ने प्रस्तावित कृषि उत्पादन बाजार समिति पर दो प्रतिशत बाजार शुल्क विधेयक को विधानसभा के अगले सत्र में पास कराने के लिए प्रस्तुत नहीं करने का आश्वासन दिया है और व्यापारियों से आंदोलन को स्थगित करने का आग्रह किया है. मंत्रियों से आश्वासन मिलने के बाद व्यवसायियों में खुशी देखी गई और अपनी इस जीत पर एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जश्न मनाया.  

 अव्यवाहारिक है विधेयक

ज्ञातव्य है कि झारखण्ड सरकार द्वारा दिनांक 24 मार्च, 2022 को झारखण्ड विधानसभा में कृषि उत्पादन बाजार समिति पर दो प्रतिशत बाजार शुल्क लगाने का विधेयक प्रस्तावित किया गया था और इस बिल को पास करवाने हेतु झारखण्ड के महामहित राज्यपाल के पास भेजा गया था.  खाद्यान्न व्यापारियो के अनुसार यह विधेयक पूरी तरह अव्यवहारिक था तथा इसके लागू हो जाने से फिर से इंस्पेक्टर राज, भ्र्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता तथा खाद्य वस्तुओं की महंगाई में वृद्धि हो जाती जो न तो राज्यहित में होता, न राजस्वहित में और न ही जनहित में.  इसलिये राज्य के व्यापारिक संगठनों और कोल्हान में सिंहभूम चैम्बर ऑफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्री के नेतृत्व में खाद्यान्न व्यवसायियों के द्वारा इस विधेयक को वापस करानेे हेतु आर-पार की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया गया था.  

 सिंहभूम चैम्बर ने उठाया था सबसे मामला

पूरे राज्य में सर्वप्रथम सिंहभूम चैम्बर आॅफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्री ने इस मामले को उठाया और इसके लिये कोल्हान के जनप्रतिनिधि विधायको को चैम्बर में आमंत्रित कर इसपर चर्चा की और इसे वापस लेने हेतु झारखण्ड सरकार पर दबाव बनाने का आग्रह किया.  राज्य के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, संबंधित विभाग के सचिवों को पत्र प्रेषित कर इस विधेयक से होने वाले नुकसान से अवगत कराते हुये इसे वापस लेने का आग्रह किया गया.  रांची जाकर झारखण्ड के राज्यपाल महामहिम रमेश बैस से विस्तृत चर्चा की गई.  इसके बाद काला बिल्ला लगाकर व्यापारियों द्वारा सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया एवं उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना भी दिया गया था.  लेकिन व्यापारियों की इस चरणबद्ध आंदोलन का सरकार पर कुछ भी असर होता नहीं देख व्यापारियों ने प्रदेश स्तरीय बैठक का आयोजन कर निर्णय लिया कि अगर सरकार 15 मई, 2022 तक कोई पहल नहीं करती है तो खाद्यान्न व्यवसायी 16 मई से खाद्यान्न का आवक बंद करते हुये कोई भी माल नहीं मंगायेंगे.  

रिपोर्ट - रंजीत ओझा, जमशेदपुर

 

 

Published at: 21 May 2022 12:49 PM (IST)
Tags:News

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