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वनपाल की संदेहास्पद मौत, वनपाल की सूचना पर ही कोयला माफिया कलीम की हुई थी गिरफ्तारी

BY -
Shreya Gupta
Shreya Gupta
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 18, 2026, 6:08:37 AM

दुमका (DUMKA) - मनरेगा घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा निलंबित आईएएस पूजा सिंघल से पूछताछ के दौरान ईडी ने झारखंड के 3 जिलों के जिला खनन पदाधिकारी को समन जारी किया. इसमें दुमका के डीएमओ कृष्ण कुमार किस्कू का भी नाम शामिल है. ईडी ने कृष्ण कुमार किस्कू को समन जारी कर कार्यालय बुलाया और उससे भी पूछताछ की. पूछताछ में क्या बातें सामने आई यह तो स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता है. लेकिन दुमका डीएमओ के ईडी कार्यालय पहुंचने के बाद दुमका पुलिस प्रशासन और वन विभाग की कार्यशैली में अचानक परिवर्तन आ गया.

रघुनाथ देहरी के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज

बता दें कि जनवरी महीने में कोयला माफिया कलीमुद्दीन सहित कई लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई लेकिन महीनों तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई. जबकि 16 मई की रात अचानक उसकी गिरफ्तारी हुई और 17 मई को जेल भेज दिया गया. वहीं 17 मई को भी शिकारीपाड़ा थाना में अवैध कोयला खनन मामले को लेकर एक प्राथमिकी वन विभाग के वनपाल रघुनाथ देहरी के आवेदन पर दर्ज कराई गई. इसमें सबसे ऊपर कलीमुद्दीन अंसारी का नाम है. आश्चर्य की बात तो यह है कि कोयला माफिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने वाले वनपाल रघुनाथ देहरी की संदेहास्पद मौत हो गई है. 

मौत पर उठे सवाल

बता दें कि 18 मई को रघुनाथ देहरी की तबीयत बिगड़ी और 19 को दुमका के फूलोझानो मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. वैसे तो मौत एक शाश्वत सत्य है, लेकिन रघुनाथ देहरी की मौत पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं. उनकी मौत को संदिग्ध मौत माना जा रहा है. सूत्रों की माने तो मौत के समय उनके मुंह से ब्लडिंग भी आया था. आश्चर्य की बात तो यह है कि इतने हाई प्रोफाइल मामले के सूचक रहने के बावजूद रघुनाथ देहरी के शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाया गया. उनके परिजनों का कहना है कि रघुनाथ यक्ष्मा रोग से पीड़ित थे और प्रायः उनकी तबीयत खराब रहती थी. इसलिए उन्होंने प्रशासन से पोस्टमार्टम न कराने का अनुरोध किया और प्रशासन ने भी उसकी बात को मानते हुए बगैर पोस्टमार्टम के ही शव परिजनों को सौंप दिया.

रिपोर्ट : पंचम झा, दुमका

Tags:News

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