रांची (RANCHI ) : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी माले, मार्क्सवादी समन्वय समिति की संयुक्त बैठक सीपीआई राज्य कार्यालय अल्बर्ट एक्का चौक रांची हुई. इसमें राष्ट्रव्यापी महंगाई एवं बेरोजगारी विरोधी अभियान 25 मई से पर्चा पोस्टर छोटी बड़ी मीटिंग के माध्यम से पूरे राज्य में की जाएगी. 31 मई 2022 को वाम दलों की ओर से संबंधित मार्च के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा. जिसमें बढ़ती हुई पेट्रोलियम की कीमत को कम करने, सर चार्ज ड्यूटी घटाने, सभी उपभोक्ताओं को जन वितरण के माध्यम से गेहूं देने, आयकर से मुक्त लोगों को 7500 सौ प्रति माह खाता में देने आदि केंद्र सरकार के जन विरोधी नीतियों के विरोध में राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जाएगा. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी झारखंड राज्य के सहायक सचिव महेंद्र पाठक, जिला सचिव अजय कुमार सिंह, भाकपा माले के वरिष्ठ नेता शुभेंदु सेन, जिला सचिव भुनेश्वर केवट, सीपी आई एम के समीर दास ,मार्क्सवादी समन्वय समिति के सुशांतो मुखर्जी, शामिल थे.
आने वाले दिन में श्रीलंका जैसी स्थिति पैदा होगी
नेताओं ने कहा कि मोदी सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण देश में लगातार महंगाई बढ़ रही है. आने वाले दिन में श्रीलंका जैसी स्थिति पैदा होगी. क्योंकि देश के अंदर सारे सार्वजनिक सेक्टर पूंजीपतियों के हवाले किया जा रहा है. नोटबंदी जीएसटी से लेकर लॉकडाउन तक का असर अब महंगाई के रूप में दिखने लगा है. अगर समय रहते सुधार नहीं किया गया तो लोगों को जीना मुश्किल हो जाएगा ,नेताओं ने कहा कि महंगाई से आम जनता कराह रही है,तो दूसरी तरफ धर्म के नाम पर सांप्रदायिकता फैलाने की कोशिश सरकार कर रही है, ताकि महंगाई से लोगों को ध्यान हटाया जा सके, इस स्थिति में राष्ट्रव्यापी जन अभियान के तहत महंगाई एवं बेरोजगारी को मुद्दा बनाकर लोगों को लामबंद कर सड़कों पर उतरेगी. उक्त बातें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी रांची के जिला सचिव अजय कुमार सिंह ने दी है.
