धनबाद (DHANBAD) : संसद की कोयला- इस्पात की स्थाई कमेटी की इंफाल में सोमवार को हुई बैठक में कोयलांचल में कोयले के अवैध खनन एवं तस्करी का मुद्दा जोरदार ढंग से उठा. बैठक में बीस सांसद मौजूद थे. कई सांसदों ने कोयले के अवैध खनन एवं तस्करी का मामला उठाया. कोयला कंपनियों से जानकारी मांगी गई कि कोयले के अवैध खनन एवं तस्करी की रोकथाम के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं.
हाल के महीनों में बढ़ी चोरी
सूत्रों के अनुसार कोयला प्रबंधन की ओर से बताया गया कि इस मामले पर पहले ही कोल इंडिया प्रबंधन की ओर से बताया गया है कि जब तक कोयले के अवैध खनन एवं तस्करी की रोकथाम के लिए नया एवं प्रभावी कानून नहीं बनता तब तक रोक मुश्किल है. सांसदों ने कहा कि हाल के कुछ महीनों में कोयला चोरी बढ़ी है. इसकी रोकथाम के लिए वर्तमान कानून के दायरे में प्रयास होना चाहिए, इस पर कोयला प्रबंधन ने कहा कि हर संभव प्रयास किया जा रहा है. अकेले कोल कंपनियां इसकी रोकथाम नहीं कर सकती, कोयला चोरी एवं अवैध खनन की रोकथाम में राज्य सरकार व स्थानीय पुलिस का सहयोग जरूरी है.
ये हुए शरीक
यह भी सवाल उठा कि ठेका मजदूरों को वेज बोर्ड में शामिल क्यों नहीं किया जाता, जिस तरह से आउटसोर्सिंग में कोयला खनन स्थाई प्रकृति का काम हो गया है, ऐसे में ठेका मजदूरों की चिंता कोयला कंपनियों को करनी चाहिए. सवाल पर किसी कंपनी ने यह नहीं बताया कि उनके यहां कितने ठेका मजदूर कार्यरत हैं. झरिया पुनर्वास का मुद्दा भी उठा. कोयला इस्पात की संसदीय स्थाई समिति की बैठक जबलपुर के सांसद राकेश कुमार की अध्यक्षता में हुई. झारखंड से धनबाद के सांसद पशुपतिनाथ सिंह, चतरा सांसद सुनील कुमार ,राज्यसभा सांसद समीर उराव सहित 20 सांसद मौजूद थे.
