☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • TNP Special Stories
  • Health Post
  • Foodly Post
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Art & Culture
  • Know Your MLA
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • Tour & Travel
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • Education & Job
  • News Update
  • Special Story
  • Religion
  • YouTube
  1. Home
  2. /
  3. News Update

कृषि उत्पादन बाजार समिति पर प्रस्तावित बाजार शुल्क : विरोध में तेज हुआ खाद्यान्न व्यापारियों का आंदोलन

कृषि उत्पादन बाजार समिति पर प्रस्तावित बाजार शुल्क  : विरोध में तेज हुआ खाद्यान्न व्यापारियों का आंदोलन

जमशेदपुर (JAMSHEDPUR) : झारखण्ड सरकार द्वारा कृषि उत्पादन बाजार समिति पर प्रस्तावित बाजार शुल्क के विरोध में खाद्यान्न व्यापारियों का आंदोलन अनवरत जारी है.  मंगलवार को आंदोलन की आगामी रूपरेखा और रणनीति तैयार करने के लिए परसुडीह स्थित बाजार समिति में व्यापार मंडल के तत्वावधान में खाद्यान्न व्यापारियों की एक बड़ी बैठक का आयोजन किया गया. इसमें सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के पदाधिकारी भी शामिल हुए. बैठक को संबोधित करते हुये चैम्बर अध्यक्ष विजय आनंद मूनका ने कहा कि झारखण्ड सरकार द्वारा दिनांक 24 मार्च, 2022 को विधानसभा में कृषि उत्पादन बाजार समिति पर दो प्रतिशत बाजार शुल्क को पारित किया गया. सरकार के इस अव्यवहारिक निर्णय के खिलाफ सबसे पहले सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने आंदोलन की अलख जगाई थी. जो कि अब पूरे प्रदेश में मशाल का रूप ले चुकी है.

न राज्यहित में है, न राजस्वहित में

मौके पर आनंद मूनका ने कहा कि यह शुल्क वर्तमान परिवेश में पूरी तरह से अव्यवहारिक है. इससे इंस्पेक्टर राज, भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा और व्यापारियों को व्यापार करने में परेशानी आयेगी. सरकार को भी इस शुल्क से विशेष राजस्व नहीं मिलेगा. कुल मिलाकर यह बाजार शुल्क न राज्यहित में है, न राजस्वहित में है और न ही जनता के हित में है. इसलिए इसके विरोध में प्रारंभ से ही व्यापारी समुदाय आंदोलनरत हैं. इस शुल्क के विरोध में पूर्व सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इडस्ट्री ने प्रदेश को महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा था. इसके बाद काला बिल्ला लगाकर व्यापारियों ने सांकेतिक विरोध किया था और उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना भी दिया था.  लेकिन व्यापारियों की चरणबद्ध आंदोलन का सरकार पर कुछ भी असर होता नहीं दिखाई पड़ रहा है. इसलिए आंदोलन के अगले चरण में कोल्हान के व्यापारियों ने निर्णय लिया कि 15 मई, 2022 से खाद्यान्न का कोई भी माल नहीं मंगायेंगे. इस आंदोलन को प्रभावी और धारदार बनाने के लिये आज क्षेत्रवार व्यापारियों की टीम का गठन किया गया जो कि क्षेत्रवार मंडियों पर नजर रखेगी. इसके अलावे व्यापार मंडल एवं सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की एक संयुक्त टीम बनाई गई जो इस आंदोलन के दौरान समन्वय का काम करेगी. सिंहभूम चैम्बर के इस अभियान को आटा मिल, चावल मिल और आलू-प्याज विक्रेता संघ का भी समर्थन प्राप्त है.

रिपोर्ट : रंजीत ओझा, जमशेदपुर

Published at:17 May 2022 12:03 PM (IST)
Tags:News
  • YouTube

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.