धनबाद (DHANBAD) : नेशनल लोक अदालत का उद्घाटन शनिवार को धनबाद के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा के चेयरमैन राम शर्मा ने किया. उन्होंने कहा कि हमारा संविधान हर लोगों को सामाजिक, आर्थिक एवं सस्ता सुलभ न्याय की गारंटी देता है. नेशनल लोक अदालत संविधान के परिकल्पना को पूरी करने के दिशा में एक कदम है. लोक अदालत में महीनों कोर्ट का चक्कर लगाने और पैसे की बर्बादी से बचा जा सकता है. कहा कि लोक अदालत में किसी पक्ष की हार नहीं होती बल्कि दोनों पक्ष जीतकर जाते हैं ,क्योंकि इसमें विवादों का निपटारा पक्षकारों की रजामंदी से किया जाता है.
मामलों का होता है तत्काल निपटारा
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरेंद्र सहाय ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आम आदमी के हित के लिये लगाई जाती है. बिना प्रशासनिक सहयोग के हम समाज तक न्याय नहीं पहुंचा सकते. उन्होंने कहा की लोक अदालत के माध्यम से व्यापक पैमाने पर मुकदमों का निष्पादन किया जा रहा है, जिसमें समय की बचत के साथ-साथ वादकारियों को विभिन्न कानूनी पचड़ों से मुक्ति मिल रही है. महासचिव जितेंद्र कुमार ने कहा कि लोक अदालत में विवादों का तत्काल निपटारा होता है. यह एक बहुत सराहनीय कार्य है. एसोसिएशन इस कार्य में हर संभव मदद कर रहा है और आगे भी करेगा.
सुबह 10 बजे तक 1959 विवादों का निपटारा
वादों के निपटारे के लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के आदेश पर 17 बेंच का गठन किया गया है, जिनके द्वारा विभिन्न तरह के 16 अन्य विवादों का निपटारा किया जा रहा है. अवर न्यायाधीश सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने बताया कि 10 बजे तक 19 हजार 529 विवादों का निपटारा कर दिया गया है तथा अब तक 81 करोड़ 23 लाख 41 हजार 251 की रिकवरी की जा चुकी है. आकड़ा 12 बजे तक और बढ़ने की संभावना है. उन्होंने बताया कि मौके पर काजल मंडल ,रजिया खातून, जैनुल बीवी, अहमद हुसैन के बीच चेक का वितरण किया गया. उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वह अपने विवादों का अधिक से अधिक निपटारा लोक अदालत के माध्यम से कराएं,
रिपोर्ट : शाम्भवी सिंह ,धनबाद
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