पलामू (PALAMU) : पलामू में भीषण गर्मी के कारण आम लोगों के साथ वन्य जीव भी परेशान हैं. अप्रैल और मई के पहले हफ्ते में यहां देश में सबसे अधिकतम रिकॉर्ड तापमान दर्ज किया गया. चिलचिलाती धूप और अब तक वर्षा नहीं होने के कारण एशिया प्रसिद्ध पलामू टाइगर रिजर्व इलाके में जल संकट गहरा गया है. टाइगर रिजर्व के सभी प्राकृतिक जलस्रोत कोयल, बूढ़ा औरंगा समेत कई नदियों के सूख जाने के कारण पानी की तलाश में जंगली जानवर भटक रहे हैं.
160 से अधिक कृत्रिम टबों को लगाया जा रहा
पानी के लिए भटक रहे जानवरों को पानी उपलब्ध कराने के लिए पीटीआर (Palamu Tiger Reserve) प्रबंधन जुटा हुआ है. पूरे इलाके में पानी संकट दूर करने के लिए करीब 160 से अधिक कृत्रिम टबों का निर्माण करवाया गया है. इन टबों में टैंकरों के माध्यम से पानी की सप्लाई की जा रही है. ताकि जानवरों को समय-समय पर पानी मिलता रहे. पलामू टाइगर रिजर्व के उप निदेशक मुकेश कुमार ने बताया कि गर्मी के कारण वन्य जीवों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में टबों का निर्माण कर एक दर्जन से अधिक टैंकरों से पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई है. उन्होंने बताया कि पूरी प्रक्रिया का अधिकारियों के द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है.
अधिकारी हाई अलर्ट पर
गर्मी और पानी के संकट को देखते हुए पूरे पलामू टाइगर रिजर्व के इलाके में अधिकारी हाई अलर्ट पर है. पेट्रोलिंग टीम और ट्रैक्टर लगातार वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं. पीटीआर के निदेशक कुमार आशुतोष ने बताया कि कई प्राकृतिक जलस्रोत सूख गए हैं लेकिन प्रबंधन की तरफ से वन्यजीवों को पानी उपलब्ध करवाने के लिए पहल की गई और टैंकरों से पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई है. बता दें कि पलामू टाइगर रिजर्व पूरे भारत में बाघ, हाथी, हिरण, इंडियन ग्रे वुल्फ, भालू, तेंदुआ के लिए प्रसिद्ध है. इसमें 360 से भी अधिक प्रकार के विभिन्न पक्षियां भी पाई जाती है.
रिपोर्ट: जफ़र महबूब, पलामू
