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बंगाल  के शेख अब्बू को क्या पता था कि निरसा 'काल' बन जाएगा ! पूर्व विधायक ने कराई चार लाख की मदद

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 12, 2026, 8:15:46 PM

 धनबाद (DHANBAD) : धनबाद में केवल इतिहास ही बन रहा है. कोयलांचल में अवैध कोयला खनन को लेकर सब कुछ वही हो रहा है, जो पहले कभी नहीं हुआ था. अवैध उत्खनन चरम पर है.  लोग कीड़े- मकोड़े की तरह मर रहे हैं.  झूठ और सच के बीच की खाई गहरी हो गई है.  घटना होने के बाद भी घटना से इंकार कर देना एक फैशन हो गया है.  इसी के क्रम में निरसा के कापसरा  में घटित घटना यह साबित करती है कि मामले की लीपापोती में कैसे-कैसे हथकंडे अपनाए जाते हैं.  

मकान अधूरा छोड़ अलविदा हुए शेख अब्बू

क्षेत्रीय अधिकारी अपने बड़े  अधिकारियों को सही रिपोर्ट तक नहीं करते. झूठ पकड़ाने पर उनपर एक्शन भी नहीं होता.  नतीजा होता है कि मामला कभी दब जाता है तो कभी सुर्खियां पा लेता है.  कपसरा आउटसोर्सिंग में चाल धंसने से मौत की पुष्टि तो अधिकारी नहीं कर रहे हैं लेकिन निरसा के पूर्व विधायक अरूप चटर्जी ने मृतक शेख अब्बू की पत्नी को चार लाख की सहायता राशि दिलवा कर यह साबित कर दिया है कि घटना सही है.  और इस घटना में  मौत हुई है.  बेचारे शेख  अब्बू को क्या मालूम था कि अपना अर्ध निर्मित घर छोड़कर वह इस दुनिया को ही अलविदा कह देंगे.

मरने पर न परिवार समाने आता, न प्रशासन 

अपने अधूरे घर को पूरा करने के लिए वह अधिक मजबूरी पाने की लालच में बंगाल के बीरभूम से निरसा पहुंच गए और अवैध खनन कराने वालों की जाल में फंस गए.  नतीजा हुआ कि चाल धंसने  से उनकी मौत हो गई.  निरसा  के पूर्व विधायक अरूप चटर्जी ने जानकारी मिलने पर शेख  अब्बू  की पत्नी को चार लाख  की सहायता की. उनका कहना है कि गरीब लोग पेट के लिए जोखिम उठाते हैं लेकिन मरने के बाद न प्रशासन कुछ करता और ना परिवार के लोग सामने आते हैं.  नतीजा होता है कि बाहर से मजदूरों को लाकर कोयला कटवाने वाले ठेकेदारों को मामले को दबाने में सहूलियत हो जाती है.  उन्होंने लोगों से अपील की है कि जिनके जिनके घर वाले लोग अवैध खनन के दौरान मरते हैं, वह सामने आए और बताएं कि उनके घर वाले अब इस दुनिया में नहीं है. 

Tags:News

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