सिमडेगा (SIMDEGA) : नदियों के ब्राउन गोल्ड से अमीरी की चाहत में बालू का अवैध धंधा सिमडेगा में जोरों पर चल रहा है. सिमडेगा में हर तरफ बालू माफिया हावी होने लगे हैं. पंचायत चुनाव इनके लिए एक बड़ा अवसर बना. दरअसल बालू माफिया धड़ल्ले से नदियों से बालू का उठाव करने लगे हैं. पंचायत चुनाव में सभी सरकारीकर्मी और पदाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी सभी लोग चुनावी कार्य में व्यस्त हैं. ऐसे में नदी से अवैध बालू उठाव की तरफ भी किसी का ध्यान भी नहीं जा रहा है. अगर जा भी रहा तो उससे ज्यादा जरूरी चुनावी कार्य है. बस अधिकारियों की इसी व्यस्तता का फायदा जिले के बालू माफिया उठाते हुए धड़ाधड़ सुबह से शाम तक सैकड़ों ट्रैक्टर बालू एक एक बालू माफिया उठा कर अपनी खुफिया जगहों पर डंप करना शुरू कर दिया है.
बरसात के दिनों की तैयारी
वहीं चुनाव बाद जब बरसात में नदियों से बालू उठाव बंद रहेगा तब ये स्टॉक बालु को मनमानी कीमतों में बेचकर अपनी पौ बारह कर लेगें. मतलब इनके लिए आम के आम और गुठली के भी दाम. अभी बेधड़क बालू उठाव हो रहे हैं. किसी को न तो पुलिस का डर है और न हीं अधिकारियों का डर. दूसरी तरफ जिला खनन पदाधिकारी अजीत कुमार भी सिमडेगा के साथ हजारीबाग के भी प्रभार में हैं. उसपर भी विभाग कर्मियों के अभाव का रोना रोते हैं. खनन पदाधिकारी कहते हैं कि कार्रवाई होती है. लेकिन कार्रवाई होती तो सुबह से शाम तक नदियों में ट्रैक्टर की धड़धड़ सुनाई नहीं पड़ती. खैर जब सबकुछ जानकर भी खनन विभाग मौन धारण कर रही है, तो इसमें दाल में कुछ काला होने का अंदेशा होता है.
विभाग मौन
ऐसे में अब खनन विभाग का कहना है कि चुनाव बाद टेंडर होगा तो सब ठीक हो जाएगा. चुनाव खत्म होने में समय है. चुनाव के बाद भी बालू घाट टेंडर कब होगा पता नहीं. होगा भी तब तक बरसात आ जाएगी और बालू उठाव पर रोक लगा दिया जाएगा. लेकिन उसके पहले सरकार का हर दिन राजस्व चोरी करते इन बालू माफियाओं को कौन रोकेगा. क्योंकि हर दिन धड़ल्ले से बालू उठाव देख तो यही लगता है कि इन्हें तो अब किसी का भी डर नहीं है. ये बालू तस्कर बस एक सूत्री कार्यक्रम बालू उठाव और डंप कर स्टॉक करो इसी में लगे हैं. ये सभी बालू माफिया अवैध तरीके से बालू को जगह जगह में डंप कर सरकार के राजस्व की लूट मचा रखी है. इस डंप बालू को ये तस्कर बरसात के दिनों में दुगने तिगुना दामों पर बेचेगें. दूसरी तरफ विभाग मौन है.
लाखों के राजस्व की चपत
बालू माफिया हर दिन सिमडेगा के शंख, पालामाडा, कोलेबिरा और बानो के देव नदी आदि बालू घाटों से सुबह से शाम तक बालू की अवैध ढुलाई कर जमा करने में लगे हैं. ये बालू माफिया ना सिर्फ सरकार को लाखों के राजस्व की चपत लगा रहे हैं. बल्कि पर्यावरण को भी इससे खासा नुकसान पंहुच रहा है. इन माफियाओं पर अंकुश कौन लगाए ये बड़ा सवाल है.
रिपोर्ट : अमित रंजन, सिमडेगा
