जमशेदपुर (JAMSHEDPUR) - मजदूरों का शहर है और इस शहर में मजदूरों के साथ शोषण होता रहा है. टाटा की सबसे बड़ी यूनियन टाटा वर्कर्स ने रविवार मजदूर दिवस के अवसर पर माइकल जॉन ऑडिटोरियम में एक कार्यक्रम का आयोजन किया. जहां मजदूरों के हित, मजदूरों की समस्या और मजदूरों की समस्या का निदान कैसे हो इन मुद्दों पर चर्चा किया गया.
मजदूरों के हित में टाटा साहब का सपना
वैसे टाटा स्टील मजदूरों के लिए हर वक्त कुछ ना कुछ योजना लेकर आती है. जो मजदूरों के हित में ही काम करती है. टाटा साहब का यह सपना था कि मजदूर है तो हम हैं और उनका सपना मजदूरों के साथ मजदूरों का विकास था. हालांकि समय बदला और समय के साथ लोगों का सोच भी बदली. लेकिन टाटा साहब का सोच आज भी मजदूरों के हित में ही है. यही कारण है कि शहर में जुबली पार्क सहित अन्य जगह पर मजदूरों के लिए व्यवस्था की गई चाहे वह शिक्षा की व्यवस्था हो या स्वास्थ्य की व्यवस्था हो. लेकिन वक्त ने ऐसा करवट बदला कि टाटा साहब का सपना अब धीरे-धीरे धूमिल होता जा रहा है. लेकिन इस मजदूर दिवस पर एक बार फिर टाटा वर्कर्स यूनियन ने संकल्प लिया है कि मजदूर हित के लिए हर वक्त याद रहेंगे.
रिपोर्ट : रंजीत ओझा, जमशेदपुर
