☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • News Update
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • YouTube
  1. Home
  2. /
  3. News Update

गर्मी से नन्हे-मुन्ने हलकान, पढ़ाई के नाम पर कितना सहे मौसम का सितम

दुमका (DUMKA) : भीषण गर्मी और बिजली संकट आम इंसान को कितना रुला सकता है, इसका अंदाजा आप सहज लगा सकते हैं. लेकिन इस सब के बीच आज हम बात कर रहे हैं गर्मी छुट्टी यानी समर वैकेशन की. गर्मी छुट्टी एक ऐसा शब्द जिसकी सुखद अनुभूति पाने के लिए आपको अपने छात्र जीवन मे लौटना होगा. कैसे महीनों पहले से गर्मी छुट्टी की कार्य योजना बनाते थे. समय बदला और आज हम अभिभावक की भूमिका में हैं. हर अभिभावक अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य देना चाहते हैं. लेकिन इन दिनों मौसम की मार छात्र और अभिभावक पर इस कदर पड़ी कि हर कोई यह सोचने पर विवश हैं कि गर्मी छुट्टी मौसम के अनुरूप हो या निर्धारित तिथि पर. आज इसी मुद्दे पर हमने बात की दुमका के कई छात्रों और अभिभावक से. अधिकांश लोगों ने कहा कि मौसम के अनुरूप गर्मी छुट्टी होनी चाहिए. जिले में व्याप्त बिजली संकट ने लोगों की इस मांग को और बल दिया है.

बच्चों के साथ अभिभावकों की परेशानी

 छात्रा तृषा ओझा ने द न्यूज पोस्ट के सामने गर्मी में स्कूल से जुड़ी अपनी परेशानी साझा की, वहीं अभिभावक प्रीति ओझा ने मीडिया से इस परेशानी से राहत दिलाने की गुहार की. कहा कि इतनी गर्मी में बच्चे और अभिभवक दोनों परेशान हो रहे. गर्मी छुट्टी जल्द से जल्द हो. अभिभावक अजित ओझा की भी यही राय है. बच्चों को स्कूल से लेने पहुंची भवानी गुप्ता कहती हैं कि रात में बिजली गुल होने से बच्चों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है. इस गर्मी में स्कूल पहुंचाना भी मुश्किल. लेकिन भवानी स्कूल की छुट्टी कराने के पक्ष में नहीं. बकौल भवानी, बिजली आदि की व्यवस्था दुरुस्त हो. कोरोना के कारण पहले ही बच्चों का स्कूल बहुत प्रभावित हुआ है. अब स्कूल बंद कराने की बात नहीं की जा सकती. अभिभावक रितेश मेहरिया  कहते हैं कि इतनी गर्मी में स्कूल खुले रहने से बच्चे तो बच्चे, अभिभावक भी परेशान हैं.

सरकार का मुंह क्यों देख रहे स्कूल

वैसे तो गर्मी छुट्टी का निर्धारण सरकार के स्तर से होता है और निजी विद्यालय के संचालक कहते हैं कि हम सरकार के आदेश का पालन करते हैं. लेकिन मेरा मानना है कि कुछ मामलों में निजी विद्यालय खुद अपना निर्णय लेते हैं. रोक के बावजूद विद्यालय द्वारा किताब, कॉपी से लेकर यूनिफार्म बेचा जाता है. रीएडमिशन के बदले नाम बदलकर चार्ज वसूला जाता है. फिर भीषण गर्मी और बिजली संकट के दौर में निजी विद्यालय गर्मी छुट्टी के लिए सरकार के आदेश का इंतजार क्यों कर रहे हैं. इसके कई कारण हैं. कोरोना के कारण दो वर्षों से छात्रों की पढ़ाई बाधित है। इस वर्ष जब हालात अभी तक सामान्य है तो विद्यालय प्रबंधन की यह सोच है कि ज्यादा से ज्यादा सिलेबस कवर हो सके क्योंकि कभी भी कोरोना कहर बरपा सकता है. इसके साथ ही स्कूल में एडमिशन का समय है. अगर स्कूल बंद कर दिया जाए तो नया एडमिशन नहीं हो पायेगा. वैसे इस मुद्दे पर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के सचिव करूण रॉय का कहना है कि गर्मी को देखते हुए विद्यालय के समय मे परिवर्तन किया गया है. अगर मौसम का मिजाज यही रहा तो संघ की बैठक बुलाकर इस मुद्दे को रखा जाएगा और सभी निजी विद्यालयों को अपनी सुविधानुसार गर्मी छुट्टी घोषित करने का अनुरोध किया जाएगा.

 बहरहाल, सभी के अपने अपने तर्क हैं. लेकिन एक बात पर सभी सहमत हैं कि मौसम के अनुरूप गर्मी छुट्टी होनी चाहिए. तो फिर इंतजार किस बात का. मौसम को देखते हुए गर्मी छुट्टी के बदले संक्षिप्त छुट्टी तो दी जा सकती है. जरूरत है मासूम की जिंदगी बचाने की, ना कि पढ़ाई के बोझ तले दबाने की.

 

Published at: 30 Apr 2022 12:24 PM (IST)
Tags:News

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.