✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. News Update

इन सात को दुमका से किया जाएगा जिला बदर ! जानिए क्या है मामला

BY -
Pancham Jha Dumka
Pancham Jha Dumka
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 12, 2026, 7:00:08 PM

दुमका (DUMKA) :  दुमका प्राकृतिक संसाधनों से भरा पड़ा है. लेकिन हाल के वर्षों में माफियाओं द्वारा प्राकृतिक संसाधनों का दोहन किया जा रहा है. प्रशासनिक सख्ती के बावजूद इन माफियाओं के अवैध कारोबार पर अंकुश नहीं लग पा रहा है. तभी तो वन प्रमंडल पदाधिकारी अभिरुप सिन्हा द्वारा 7 कोयला माफियाओं को चिन्हित करते हुए उन्हें जिला बदर करने के लिए डीसी को पत्र लिख कर अनुरोध किया गया है. जिन माफियाओं को चिन्हित किया गया है, उनके नाम है कलीमुद्दीन, बागेन हेम्ब्रम, बबलू सोरेन, बबई हेम्ब्रम, ढ़ेना सोरेन, रूपायी मरांडी और संजय मंडल. ये सभी सात माफिया उग्रवाद प्रभावित शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं.

रात में दूसरे राज्यों में भेजा जाता कोयला

दुमका जिला के शिकारीपाड़ा, काठीकुंड और गोपीकांदर प्रखंड में कोयला का प्रचुर भंडार है. कहीं जमीन की सतह पर तो कहीं पहाड़ की तराई में कोयला का भंडार है, जहां वर्षों से अवैध तरीके से कोयला का उत्खनन हो रहा है. माफिया स्थानीय लोगों को ढाल बनाकर कोयला का अवैध कारोबार कर रहे हैं. ये सभी प्रखंड उग्रवाद प्रभावित होने के साथ साथ पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल का सीमावर्ती इलाका है. इसका लाभ माफिया को मिलता है. दिन भर स्थानीय लोगों की मदद से कोयला निकाल कर जंगल मे एकत्रित किया जाता है. रात के अंधेरे में ट्रक पर लोड कर दूसरे राज्य भेजा जाता है.

विस्फोटक मिलने के साक्ष्य के बाद उठाया कदम

हाल के दिनों में प्रसासनिक सख्ती बढ़ी है. खुद डीसी रविशंकर शुक्ला नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंच कर कार्रवाई कर रहे हैं और संबंधित अधिकारियों को अवैध खनन रोकने का निर्देश दे रहे हैं. कोयला से लेकर जेसीबी मशीन तक जप्त हुई. प्राथमिकी भी दर्ज हुई. कुछ दिनों तक रोक के बाद माफिया फिर से सक्रिय हो जाते हैं. नक्सल प्रभावित इलाका होने के कारण हमेशा प्रशासनिक पहुंच नहीं हो पाती है. कोयला खनन के लिए विस्फोटक के प्रयोग के साक्ष्य मिलने के बाद डीएफओ अभिरुप सिन्हा ने 7 कोयला माफिया को चिन्हित करते हुए उन्हें जिला बदर करने के लिए डीसी को पत्र लिखा है. उनका कहना है कि अगर इन माफियाओं को जिला बदर कर दिया जाए तो माफियाओं के बीच एक स्ट्रांग मेसेज जाएगा और अवैध कोयला उत्खनन पर अंकुश लग पायेगा.

हम आपको बता दें कि इन प्रखंडों में व्याप्त कोयला भंडार को देखते हुए इसे सरकार ने कोल बेल्ट के रूप में चिन्हित करते हुए इसकी नीलामी की है. भूमि अधिग्रहण का मामला लंबित है. जब भी टीम इस क्षेत्र में सर्वे के लिए जाती है तो उन्हें ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ता है. इसके पीछे माफिया का हाथ माना जाता है. भूमि अधिग्रहण प्रशासन के लिए एक गंभीर चुनौती बनी हुई है. अब देखना दिलचस्प होगा कि डीएफओ के पत्र पर डीसी का अगला कदम क्या होता है.

 

Tags:News

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.