धनबाद (DHANBAD) : धनबाद का भारतीय आईटीआई अप्रेंटिस संघ अब बीसीसीएल से आर पार के मूड में कह रहा है कि बहुत हुआ. बहुत झेल लिए. अगर उन लोगों की बात नहीं सुनी गई तो खदान बंद करा देंगे. बता दें कि 25 अप्रैल से यह संघ बीसीसीएल मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना दे रहा है. यह धरना कोई पहली बार नहीं हो रहा है, इसके पहले भी धरना हुआ था और बीसीसीएल से नौकरी की मांग की गई थी.
आवाज दबाने के लिए पुलिस का सहारा !
आज यह संघ मुख्यालय के एचआरडी विभाग का घेराव करने पहुंचा. शामिल सभी सदस्य आक्रोशित थे, उनका कहना था कि अपरेंटिस के नाम पर एक साल तक उन्हें खटाया गया लेकिन अब उन्हें नौकरी नहीं दी जा रही है. उनका कहना है कि वह लोग शिक्षित हैं, अगर रेगुलर बेसिस पर बीसीसीएल को नियुक्ति करने में परेशानी है तो संविदा के आधार पर ही नियुक्ति कर दें. आरोप लगाया कि बीसीसीएल प्रबंधन खुद सामने आने के बजाय पुलिस प्रशासन का सहारा लेता है और उनकी आवाज को दबाने की कोशिश करता है लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा.
आन्दोलन में तेजी की चेतावनी
संघ के महासचिव सूरज कुमार ने कहा कि कोल इंडिया में पिछले 30 वर्षों से नॉन एक्सक्यूटिव की बहाली नहीं हुई है. ऐसे में वह सब भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं. बीसीसीएल प्रबंधन संविदा के आधार पर उन्हें नौकरी दे. दूसरी ओर संघ के अध्यक्ष विमल कुमार रवानी ने कहा कि बीसीसीएल मैनेजमेंट को धरना, प्रदर्शन, ज्ञापन के जरिए अपनी समस्याओं से अवगत करा रहे हैं. लेकिन प्रबंधन उनकी जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है, जरूरत पड़ी तो चक्का जाम कर देंगे.
रिपोर्ट : शाम्भवी सिंह ,धनबाद
