धनबाद(DHANBAD) – इन दिनों धनबाद के निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक काफी परेशान हैं. जिला प्रशासन आश्वासन दे रहा है, शिक्षा मंत्री ट्वीट कर रहे हैं लेकिन गार्जियन को राहत नहीं मिल रही है. अभिभावक अपनी पीड़ा बताने के लिए द्वारे द्वारे घूम रहे हैं. लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है. शुक्रवार को डीएवी कोयला नगर में 50 की संख्या में अभिभावक पहुंचे और प्राचार्य या किसी बड़े अधिकारी से बात करने की कोशिश की लेकिन उन्हें बताया गया कि कोई भी नहीं है.
फीस का बहाना
अभिभावकों का कहना था कि 27 अप्रैल से परीक्षा है और फीस का बहाना बनाकर बच्चों का एडमिड कार्ड रोक दिया गया है. वे सिर्फ यही चाहते हैं कि बच्चों को एडमिड कार्ड मिल जाए, इसीलिए वह प्राचार्य से बात करने के लिए स्कूल आए हैं. लेकिन उन लोगों को बताया गया है कि प्राचार्य स्कूल में है ही नहीं. बता दें कि यह विवाद इसलिए है कि सरकार ने आदेश दिया है कि कोरोना काल में केवल ट्यूशन फीस लिया जाएगा. बाकी किसी तरह की राशि स्कूल नहीं ले सकते हैं लेकिन स्कूल वाले मानने को तैयार नहीं है. उनका कहना है कोरोना काल से लेकर आज तक की पूरी राशि लेंगे तभी बच्चों को एडमिट कार्ड देंगे. अभिभावक इसके पहले उपायुक्त से भी भेंट कर चुके हैं. उसके बाद सिर्फ इतना हुआ कि जिला समिति का गठन हो गया है, लेकिन अभिभावकों की परेशानी कम नहीं हुई है.
रिपोर्ट : प्रकाश महतो, धनबाद
