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खबर का असर : बर्खास्त होगी लापरवाह टीचर, स्कूल वहन करेगा हर्षिता के इलाज का खर्च

BY -
Shreya Gupta
Shreya Gupta
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 12, 2026, 6:09:57 PM

जमशेदपुर (JAMSHEDPUR) - विगत दिनों टैगोर एकेडमी विद्यालय में मधुमक्खी के काटने के कारण घायल कक्षा दो की छात्रा हर्षिता के मामले में स्कूल प्रबंधन ने गलती मानते हुए छात्रा के घर का दौरा किया. बच्ची के इलाज का खर्च वहन करने समेत अन्य मुद्दों पर आपसी सहमति बनी. स्कूल परिसर में मधुमक्खी हटाने का काम शुरू कर दिया गया.

आमरण अनशन की दी थी चेतावनी, आज बनी सहमति

टैगोर अकैडमी स्कूल का एक प्रतिनिधि मंडल मानगों के सुभाष कॉलोनी में हर्षिता के घर पहुंचा. विद्यालय प्रबंधक ने भाजपा नेता विकास सिंह को भी दीपक चंद्रा के घर बुलवाया. प्रतिनिधिमंडल में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मधुछंदा, चेयर पर्सन अचिंतम दासगुप्ता एवं सचिव समानता कुमार शामिल थे. प्रधानाध्यापिका ने हर्षिता को चॉकलेट, बिस्कुट और मिठाई देकर गोद लिया और हाल चाल पूछा. स्कूल प्रबंधन ने गलती मानते हुए विकास सिंह से पूछा कि आप लोग क्या चाहते हैं? विकास सिंह और अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन के समक्ष चार मांगे रखी

1. मधुमक्खी के छत्ते को पूरी तरह साफ कर उसे सैनिटाइज किया जाए जिससे किसी दूसरे बच्चे के साथ ऐसा हादसा न हो.

2. क्लास टीचर को सस्पेंड किया जाना चाहिए जिससे अन्य शिक्षकों में भी बच्चों के प्रति सहानुभूति और प्यार जागे और फिर कोई टीचर बच्चे के साथ ऐसी लापरवाही न करे कि जान ही आफत में पड़ जाए.

3. हर्षिता जब तक स्वस्थ न हो जाए तब तक उसकी पढ़ाई की व्यवस्था विद्यालय ऑनलाइन करें ताकि वह पढ़ाई में अन्य बच्चों से न पिछड़े.

4. हर्षिता के पिताजी की माली हालत अच्छी नहीं है, इसलिए शुरू से लेकर अंत तक इलाज में लगने वाले सारे खर्चे का वहन विद्यालय करे. साथ ही हर्षिता का आगे उच्च अस्पताल में इलाज विद्यालय अपने खर्च से करवाएं.

विद्यालय प्रबंधन ने मांगों को किया स्वीकार

विद्यालय प्रबंधन ने इन सभी मांगों को स्वीकार करते हुए बताया कि  मधुमक्खी के छत्ते हटाने का काम आरंभ हो गया है. क्लास टीचर को बर्खास्त कर दिया जाएगा. हर्षिता जब तक स्वास्थ्य नहीं होगी उसे विद्यालय की टीचर के द्वारा ऑनलाइन शिक्षा दी जाएगी. साथ ही अभी तक जो इलाज में खर्च हुए हैं, उसका भुगतान कल हर्षिता के पिताजी को कर दिया जाएगा और आगे जो इलाज में खर्च होगा उसकी व्यवस्था पूरी तरह विद्यालय प्रबंधक करेगा. 

चेयरमैन ने दिया आश्वासन

बच्ची हर्षिता के घर में उपस्थित टैगोर एकेडमी स्कूल के चेयरमैन अचिंतम दास गुप्ता ने बताया कि प्रधानाध्यापिका और मैनेजिंग कमेटी को इस मामले की जानकारी नहीं थी जिससे इतना बड़ी घटना घट गई. उन्होंने आश्वस्त किया कि आगे ऐसा नहीं होगा. हर्षिता के घर में उसके परिजनों के अलावे विद्यालय प्रबंधक के साथ-साथ मुख्य रूप से विकास सिंह, वापी पात्रो, बद्रीनारायण, दुर्गा चरण दत्ता और राम सिंह कुशवाहा मुख्य रूप से मौजूद थे.

जानिए मामला

बता दें कि घटना 31 मार्च को घटी थी जब टैगोर एकेडमी में कक्षा दो की छात्रा हर्षिता को स्कूल में मधुमक्खी ने काट लिया था. मधुमक्खी बच्ची के शर्ट में घुस गई थी.जब हर्षिता ने टीचर से मदद मांगी तो उल्टे टीचर ने हर्षिता को ही डांट दिया. घर जाकर हर्षिता बेहोश हो गई. तब माता पिता ने उसके कपड़े खोलकर देखा कि मधुमक्खी ने चारों तरफ बच्ची को काट खाया था. हर्षिता को हाई फीवर हो गया जिसके बाद माता पिता ने कई डाक्टरों के चक्कर काटे लेकिन सबने टीएमएच जाने की सलाह दी. टीएमएच में पांच दिन रहने के बाद पिता दीपक चंद्रा ने भारी भरकम बिल देखकर डिस्चार्ज करवा लिया. उसके बाद से हर्षिता घर पर रहती है, अस्वस्थ है और ठीक से खाती पीती नहीं है. भाजपा नेता विकास सिंह को 18 अप्रैल को जब मामले की जानकारी हुई तो कल उन्होंने पिता के साथ जाकर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ केस करवाया और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई और स्कूल के सामने आमरण अनशन की चेतावनी दी. द न्यूज़ पोस्ट में खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था. असर ये रहा कि स्कूल प्रबंधन ने न सिर्फ गलती मानी बल्कि हर्षिता के इलाज का भी खर्च वहन को तैयार हो गए, साथ ही टीचर को बर्खास्त करने पर भी सहमति बन गई.

रिपोर्ट : अन्नी अमृता, ब्युरो चीफ, जमशेदपुर

Tags:News

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