जमशेदपुर(JAMSHEDPUR) : कोविड प्रोत्साहन राशि मामले में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को लगातार घेर रहे पूर्व मंत्री और जमशेदपुर के विधायक सरयू राय ने सोमवार को फिर एक नया खुलासा किया. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक पत्र लिखकर उन्होंने कहा है कि मंत्री बन्ना गुप्ता ने जिन 60 लोगों को कोविड प्रोत्साहन राशि के भुगतान बिल प्रोजेक्ट बिल्डिंग ट्रेजरी में भेजा था, वह लैप्स हो गया. मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र के साथ प्रमाण के रूप में मंत्री बन्ना गुप्ता का बिल भी संलग्न करते हुए राय ने स्वास्थ्य मंत्री को बर्खास्त करने और उनपर आपराधिक मुकदमा चलाने की मांग की है.
सरयू राय ने CM को लिखा पत्र
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में सरयू राय ने कहा है कि स्वास्थ्य मंत्री ने पद का दुरूपयोग करते हुए निहित स्वार्थवश कोविड प्रोत्साहन राशि की पात्रता संबंधी विभागीय संकल्प की गलत व्याख्या की. मंत्री ने अपने एवं अपने कोषांग के अपात्र स्वास्थ्य कर्मियों के लिए कोविड प्रोत्साहन राशि लेने के लिए विभागीय संचिका पर जानबूझकर गलत आदेश किया और उनके बैंक खाते में प्रोत्साहन राशि का भुगतान करने के लिए डोरंडा ट्रेजरी (कोषागार) एवं प्रोजेक्ट बिल्डिंग ट्रेजरी (कोषागार) में स्वास्थ्य विभाग से 60 विपत्र (बिल) भिजवाया. सरयू राय ने सीएम को जानकारी दी है कि मंत्री के आदेश से डोरंडा ट्रेजरी में भेजे गये 54 बिलों का भुगतान हो चुका है. सभी संबंधित कर्मियों के बैंक खाते में प्रोत्साहन राशि भेजी जा चुकी है.
सरयू राय ने पत्र में लिखा है कि मंत्री एवं मंत्री कोषांग में पदस्थापित आप्त सचिव, निजी सहायक, चर्या लिपिक आदि के वेतन, भत्ता आदि का भुगतान प्रोजेक्ट भवन कोषागार से होता है. जो कर्मचारी मंत्री कोषांग से संबद्ध नहीं हैं, उनका भुगतान डोरंडा कोषागार से होता है. इसीलिए स्वास्थ्य विभाग ने मंत्री और उनके कोषांग के 6 कर्मियों का कोविड प्रोत्साहन राशि विपत्र प्रोजेक्ट भवन ट्रेजरी में भेजा और अन्य 54 कर्मियों का विपत्र नेपाल हाउस, डोरंडा ट्रेजरी में भेजा, जबकि मंत्री ने सभी को मंत्री कोषांग का कर्मी बताकर कोविड प्रोत्साहन राशि देने का आदेश किया था. यह आदेश भी मंत्री द्वारा बरती गयी वित्तीय अनियमितता और भ्रष्ट आचरण का एक अतिरिक्त प्रमाण है.
अपात्र को बनाया लाभुक
सरयू राय ने मुख्यमंत्री को लिखा है कि आपकी सरकार के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता का भ्रष्ट आचरण प्रमाणित हो गया है. उन्होंने जानबूझकर ऐसे लोगों को मंत्री कोषांग का कर्मी बताया है, जो मंत्री कोषांग के ही कर्मी नहीं हैं. उन्होंने अपना नाम भी कोषांग के कर्मियों में शामिल कराकर कोविड प्रोत्साहन राशि लेने का षड्यंत्र किया और अपना भुगतान विपत्र प्रोजेक्ट भवन ट्रेजरी में भिजवाया. आरोप लगाया कि मंत्री ने अवकाश के दिन विभागीय कार्यालय खुलवाकर कागजात के साथ छेड़छाड़ की. सरयू राय ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि वे स्वास्थ्य मंत्री को बर्खास्त करें और उनपर आपराधिक मुक़दमा चलाने की कारवाई करें.
रिपोर्ट: अन्नी अमृता, ब्यूरो हेड, जमशेदपुर
