कोडरमा ( KODERMA) - डोमचांच में ढिबरा कारोबारी अर्जुन साव की मौत के मामले में डोमचांच थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है. फिर भी आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हो रही? वारदात के बाद से इस मामले की चर्चा है. कारोबारी अर्जुन साव की मौत के करीब 72 घंटे बीत जाने के बाद भी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. पुलिस जांच और साक्ष्य संकलन के नाम पर लेटतीफी कर रही है. घटना के बाद हत्या का केस दर्ज होने पर जांच के बाद कार्रवाई की जा रही बात कही जा रही है. जबकि, हत्या के मामले में शायद ही ऐसी कोई मुजरिम हो जब गिरफ्तारी के लिए साक्ष्य का इंतजार किया गया हो. विधि विशेषज्ञ कहते हैं कि गिरफ्तारी का यही मकसद होता है कि आरोपी सुबूतों को नष्ट कर सके. प्रत्यक्षदर्शियों, गवाहों पर दबाव न बना सकें और जांच को प्रभावित न कर सकें. बावजूद इसके यह सब करने में सक्षम आरोपियों की गिरफ्तारी को शायद नजरअंदाज किया जा रहा है.
केंद्रीय मंत्री ने गिरफ्तारी की मांग की
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा कहा कि जिस तरह से माईका कारोबारी की हत्या इन पुलिस कर्मियों ने की है ऐसे में उन्हें सिर्फ निलंबित कर देने से काम नहीं चलेगा. ऐसे पुलिसकर्मियों को नौकरी में बने रहने का कोई हक नहीं है. उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों को हत्या के आरोप के तहत जेल भेजने की मांग भी की है.
स्थानीय लोगों की मानें तो डोमचांच के नीरू पहाड़ी में अवैध माईका वाहन को पुलिस ने पकड़ा था और माईका गाड़ी को छोड़ने के एवज में इन पुलिसकर्मियों ने लाख रुपये भी वसूल लिए. इसी बात को लेकर जब विवाद बढ़ा तो इन पुलिसकर्मियों ने अर्जुन साव की पीट-पीटकर कर हत्या कर दी. पुलिस की इस बर्बरता के खिलाफ हत्या का मामला तो दर्ज कर लिया गया है लेकिन अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है.
पूर्व विधायक ने भी निंदा की
धनवार के पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने कहा कि अर्जुन साव की हत्या हुई है. इस घटना की भाकपा माले घोर निंदा करती है. इस हत्या की जांच प्रमंडलीय आई जी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन हो,इस गठन में कोडरमा पुलिस की भागीदारी नहीं होनी चाहिए.उन्होने कहा कि अर्जून साव के परिवार के साथ भाकपा माले हमेशा साथ खड़ी है. पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने कहा कि यहां के लोग ढिबरा पर आश्रित है. सरकार ढिबरा चुनने का अधिकार दे नहीं तो रोजगार मुहैया करवाए.
रिपोर्ट - संजय कुमार, कोडरमा
