धनबाद(DHANBAD) - जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में रविवार को धनबाद जेल में जेल अदालत व विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन हुआ. प्राधिकार के प्रभारी सचिव सह अवर न्यायाधीश राजीव त्रिपाठी ने बताया कि जेल अदालत के लिए 9 केस चिन्हित किए गए थे, जिन में एक मुकदमे का निष्पादन कर एक बंदी दिनेश गुप्ता को मुक्त करने का आदेश दिया गया. वहीं, दूसरी ओर न्यायिक पदाधिकारीयों द्वारा बंदियों को विभिन्न कानून, योजनाओं की जानकारी विधिक जागरूकता शिविर के माध्यंम से दी गई. इस मौके पर प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी पूनम कुमारी ने प्ली बार्गेनिंग के प्रावधानों के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि प्ली बार्गेनिंग वैकल्पिक विवाद समाधान के तरीकों में से एक है. यह आरोपी और शिकायत करने वाले के बीच समझौते पर निर्भर करता है. इसके लिए आरोपी द्वारा एक आवेदन कोर्ट में दिया जाता है, वहां आपसी समझौते के आधार पर आरोपी अपनी गलती स्वीकार करता है. यदि शिकायतकर्ता राजी हो जाता है तो प्ली बार्गेनिंग लागू हो जाती है. आरोपी की सजा को निर्धारित अवधि से आधी या उससे भी कम भी की जा सकती है.
कब लागू नहीं होती है प्ली बार्गेनिंग
उन्होंने बताया कि प्ली बार्गेनिंग के संबंध में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 265 क से 265 ठ तक के प्रावधान लागू होते है. इसके तहत मृत्यु या आजीवन कारावास या सात साल से अधिक के कारावास से दंडनीय अपराध पर प्ली बार्गेनिंग लागू नहीं होती है. किसी महिला या 14 वर्ष से कम आयु के बच्चे के खिलाफ अपराध और देश की सामाजिक व आर्थिक स्थित को प्रभावित करने वाले अपराध में भी यह लागू नहीं होती है.
प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अंकित कुमार सिंह ने जमानत के विभिन्न प्रावधानों के विषय में कहा कि वैसे लोग ,जो सामान्य प्रकृति के अपराध मे जेल मे बंद है और उस अपराध मे मिलने वाली सजा का आधा समय जेल मे काट लिया है तो वैसे बंदियों को उनसे बांड लेकर छोड़ने का प्रावधान है. रिमांड अधिवक्ता दीपक साह ने जेल में बंद बंदियों के अधिकार के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि वैसे लोग जो मुकदमा लड़ने के लिए वकील रखने मे सक्षम नही है ,उन्हे
प्राधिकार निशुल्क वकील मुहैया करता है
कानून के विद्यार्थी याशी शरण ने संवैधानिक अधिकार के संबंध में कैदियों को जानकारी दी. उन्होंने कहा कि कारागार में बंदियों एवं उनके परिवारों का अधिकारों का संरक्षण हो सके, इसलिए झालसा द्वारा कर्तव्य परियोजना चलाई जा रही है. जिसके तहत बंदियों के परिवारों को सरकार द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उनके पात्रता के अनुसार दिलाने में जिला विधिक सेवा प्राधिकार अपनी अहम भूमिका अदा कर रहा है. मौके पर मंडल कारा अधीक्षक और जेलर उपस्थित थे.
