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इंटक विवाद : कांग्रेस महासचिव ने दुबे और रेड्डी को लिखा पत्र ,कहा - सभी मुकदमे 30 अप्रैल तक वापस लें 

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 12, 2026, 4:58:35 PM

धनबाद (DHANBAD) : एक कहावत है कि मेरे दादा हाथी रखते थे और अभी हम सीकड़  लेकर घूम रहे हैं.  यही कहानी एक समय की सर्वशक्तिमान इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन (इंटक ) के मामले में दुहराई  जा रही है.  यूनियन धीरे-धीरे कमजोर हो रही है लेकिन विवाद  बढ़ता जा रहा है.  आप भरोसा करें अथवा नहीं लेकिन यह बिल्कुल सच है कि इंटक विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट, दिल्ली के पटियाला कोर्ट, कोलकाता, जबलपुर हाईकोर्ट समेत कई अदालतों में इंटक विवाद से संबंधित लगभग 3 दर्जन से अधिक मामले लंबित हैं.
  
खड़के के आवास पर 4 अप्रैल को हुई थी बैठक

इधर, इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस का विवाद  खत्म करने के लिए कांग्रेस हाईकमान ने अलग-अलग अदालतों में दायर मुकदमों को 30 अप्रैल से पहले वापस लेने का फरमान चंद्रशेखर दुबे उर्फ ददई दुबे और  संजीवा रेड्डी को दिया है.  कांग्रेस महासचिव वेणुगोपाल ने इंटक  के दोनों गुटों को पत्र लिखकर कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के निर्देश पर मलिकार्जुन खड़गे  व दिग्विजय सिंह कई बार बातचीत कर चुके हैं.   विवाद समाप्त कराने का प्रयास कर चुके हैं.  खड़के के आवास पर 4 अप्रैल को हुई बैठक में दोनों गुटों को विवाद समाप्त कर एक साथ काम करने को कहा गया था.  संभवत:  यह पत्र उसी आलोक में जारी किया गया है लेकिन विवाद सलटाना  क्या इतना आसान होगा, यह  तो आने वाला समय ही बताएगा, क्योंकि विवाद में तीसरे कोण  भी हैं.  तीसरे गुट के महासचिव के के तिवारी का कहना है कि उनके भी कई मुकदमे अदालत में चल रहे हैं, जब तक मुकदमा वापस नहीं होंगे ,समझौता कैसे हो सकता है. 

दसवें जेबीसीसीआई में इंटक शामिल नहीं थी,11 वे भी खतरा 

आपको बता दें कि फिलहाल इंटक  की स्थिति यह है कि कोयला मजदूरों के वेतन के लिए  दसवें जेबीसीसीआई में इंटक शामिल नहीं थी.  राष्ट्रीयकरण के बाद कोयला वेतन समझौता के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था कि  जेबीसीसीआई में इंटक  शामिल नहीं थी.  नेताओं में आपसी  खींचतान की वजह से 11 वें   जे बीसीसीआई से भी इंटक बाहर है.  इतना ही नहीं ,जेबीसीसीआई में इंटक  के चार मैन  और चार अल्टरनेट मेंबरों की सीट खाली है.  कांग्रेस  हाईकमान चाहता है कि विवाद खत्म करा दिया जाए, जिससे इंटक  कम से कम 11वें  जेबीसीसीआई में शामिल हो सके.  देखना होगा यह विवाद खत्म  होता है  या आगे भी जारी रहता है.  वैसे, बता दें कि 2006 से ही विवाद सलटाने  की कोशिश कांग्रेस हाईकमान कर रहा है. लेकिन इंटक के नेता हैं कि कोई भी एक कदम  पीछे हटने को तैयार नहीं है.  इंटक में  कुछ नेता तो अभी ऐसे हैं जो स्वास्थ्य कारणों से बहुत सक्रिय नहीं है बावजूद उनका मोह  भंग नहीं हो रहा है और इधर ,इंटक रसातल की ओर जा रही है. 

रिपोर्ट : सत्य भूषण सिंह ,धनबाद  

Tags:News

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