लोहरदगा (LOHARDAGA) : गर्मी का तेवर तल्ख है. पानी की जरुरत बढ़ गई है. वहीं लोहरदगा के सदर प्रखंड की हर्रा टोली में लोग बाल्टी भर पानी के लिए भी तरस रहे हैं. दरअसल जिला में ग्रामीण पेयजल आपूर्ति सेवा के लिए सोलर सिस्टम लगाया गया था. लाखों रुपए की लागत से लगाया गया सोलर सिस्टम आज की तारीख में कबाड़ साबित हो रहा है. लोहरदगा के सदर प्रखंड के हर्रा टोली में लगा यह सोलर सिस्टम पेयजल आपूर्ति सेवा पूरी तरह से बाधित है. ग्रामीणों ने बताया कि पिछले एक वर्ष से अधिक समय से लगातार सोलर पेयजल आपूर्ति सेवा बाधित है. इस सिस्टम को लगाने के बाद कुछ दिनों तक लोगों को पानी तो मिला, लेकिन उसके बाद यह कबाड़ साबित हो रहा है. इस सोलर सिस्टम में लगे मशीन को भी रिपेयर करने के नाम पर गांव के ही जनप्रतिनिधि ने गायब कर दिया. पहले चापाकल था तो ग्रामीणों को पेयजल की समस्या नहीं होती थी. एक चापाकल से कई घरों को पानी मिल जाता था, लेकिन चापाकल की सुविधा को बंद कर सोलर सिस्टम पेयजल आपूर्ति सेवा चालू करने के बाद समस्या और भयावह हो गई है.
डीसी ने दिया आश्वासन
बता दें कि अब ग्रामीणों को एक बाल्टी पानी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है. इस पूरे मामले की सूचना कई बार पेयजल विभाग को देने के बाद भी इस दिशा में किसी ने भी कदम उठाने की जहमत नहीं उठाई. डीसी बाघमारे प्रसाद कृष्ण का कहना है कि भीषण गर्मी को देखते हुए टीम का गठन कर दिया गया है. साथ ही ग्रामीण इलाकों में पेयजल की समस्या ना हो इस बात का ख्याल रखा जा रहा है. इस गांव में लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए घंटों इंतजार और परेशान रहना पड़ता है क्योंकि गांव का एक सोलर आधारित पेयजल आपूर्ति सेवा पूर्णतः बाधित है. वहीं दूसरे स्थान पर लगा मशीन घंटों इंतजार के बाद एक बाल्टी पानी देने की स्थिति में आता है.
रिपोर्ट : गौतम लेनिन, लोहरदगा