धनबाद(DHANBAD): माता कभी कुमाता नहीं होती लेकिन धनबाद की एक मां ने सभी माताओं को यह सोचने को मजबूर कर दिया है कि आखिर कोई भी मां ऐसा कैसे हो सकती है. जो अपने फूल जैसे बच्चों को प्यार-दुलार करने के बजाए अपने प्रेमी से इस हद तक प्यार करने लगे कि पति की ही हत्या करा बच्चों को अनाथ कर दें. जी हां, ऐसा ही मामला धनबाद के दामोदरपुर में सामने आया है.
गैर मर्द की चाहत में पत्नी ही निकली मास्टर माइंड
गैर मर्द की चाहत में पत्नी ने पति की हत्या का पूरा खाका खींचा. योजना बनाई और अंत में अंजाम तक पहुंचा दिया. ऐसी योजना काफी शातिर दिमाग ही बना सकता है. नीलम देवी ने ही पूरी योजना बनाई थी. बताई थी कि पहले लड़की का फेक आईडी बनाकर उसके पति मुकेश पंडित से चैट शुरू करो. बात प्यार -मोहब्बत तक पहुंचा दो, फिर एक दिन मिलने के लिए बुलाओ और उसकी हत्या कर दो. सब कुछ हुआ ऐसा ही लेकिन भंडा फूट गया और प्रेमी उज्जवल के साथ नीलम को भी जेल जाना पड़ा. मुकेश और नीलम की बेटी कह रही है कि मेरी मां को तो फांसी की सजा होनी चाहिए. हम लोग अपनी मां को देखना नहीं चाहते.
मां को देखना नहीं चाहती बेटियां
इतना ही नहीं, मुकेश पंडित की हत्या करने के बाद उज्जवल मुकेश के घर भी आया था. बेटी तन्नू कुमारी को गोद में लेकर कहा कि पिता नहीं है तो क्या हुआ, हम हैं न. सब कुछ देखेंगे, तुम किसी को कुछ बताना नहीं. जबकि बेटी चीख-चीख कर कह रही है कि मां और उज्जवल अंकल छुप-छुप कर मिलते थे. मां कमरा बंद कर मोबाइल से बातें करती थी. पिता भी उसे समझाते थे कि ऐसा नहीं करो लेकिन वह मानी नहीं और पापा की हत्या करा दी.
मुकेश पंडित के घर आता जाता था उज्ज्वल
मुकेश पंडित करमाटांड़ में सॉस की एक छोटी फैक्ट्री चलाता था. साथ ही हीरापुर में एक दुकान भी संचालित करता था. उज्जवल भी कर्मचारी के रूप में वहीं काम करता था. फिर बाद में दोनों अलग हो गए. परिचय होने के कारण उज्जवल को मुकेश पंडित के घर आने जाने में कोई परेशानी नहीं होती थी और यहीं से शुरू हुआ पति पत्नी और वह का खेल, जिसका अंजाम यह हुआ कि माता-पिता ने बेटा खो दिया. बच्चों ने अपने पिता को खो दिया और मां और उसका प्रेमी जेल पहुंच गए. मुकेश पंडित के भाई का कहना है की हमलोग अब भाभी को देखना नहीं चाहते. शादी हुए बारह साल हो गए थे, उसके बाद ऐसी हरकत!
रिपोर्ट: शाम्भवी सिंह के साथ प्रकाश महतो, धनबाद
