दुमका(DUMKA): जिला के शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के सीमानी जोड़ गांव की एक विवाहित महिला के साथ युवक का प्रेम प्रसंग चल रहा था. यह प्रेम प्रसंग दोनों को काफी महंगा पड़ गया. ग्रामीणों ने मंगलवार की अहले सुबह महिला एवं युवक को रस्सी में बांधकर गले में जूता चप्पल की माला पहनाकर पूरे गांव का भ्रमण कराया. ग्रामीण यही नहीं रुकी दोनों को दुमका रामपुरहाट राष्ट्रीय उच्च पथ में भी घुमाया गया तथा यह कहते हुए चेतावनी दिया कि इस तरह के कार्य करने वाले को यही सजा मिलेगी. सूचना पाकर शिकारीपाड़ा थाने कि अवर निरीक्षक सुगना मुंडा पुलिस बल के साथ जब गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने बंधक बनाए गए दोनों महिला पुरुष को पुलिस के हवाले करने से इंकार कर दिया. कहा कि इसका फैसला गांव के पंचायत में ही किया जाएगा. शिकारीपाड़ा थाना में आयोजित शांति समिति की बैठक में पहुंचे अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नूर मुस्तफा ने अवर निरीक्षक सुगना मुंडा एंव सहायक अवर निरीक्षक शशिकांत प्रसाद को पुलिस बल के साथ एक बार फिर गांव भेजा लेकिन ग्रामीण नहीं माने. प्राप्त जानकारी के अनुसार अनुमंडल पदाधिकारी नूर मुस्तफा एवं अंचलाधिकारी राजू कमल, पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी नवल किशोर सिंह के साथ गांव पहुंच कर ग्रामीणों को समझा बुझा कर बंधक बनाए गए. महिला पुरुष को मुक्त कराने का प्रयास किया गया लेकिन कल देर रात तक प्रयास विफल रहा. आज बुधवार को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी की टीम क्षेत्र भ्रमण के दौरान किसी आदिवासी नेता को इस कार्य के लिए लगाया गया तथा किसी आदिवासी नेता ने उन दोनों प्रेमी युगल को गांव से मुक्त कराकर करीब 4:00 बजे शिकारीपाड़ा थाना पहुंचाया. थाने में किसी पत्रकार को उन दोनों प्रेमी युगल से मिलने नहीं दिया गया सूत्रों से पता चला कि दोनों प्रेमी युगल को दुमका पुलिस अधीक्षक के कार्यालय दुमका भेजा गया. विश्वसनीय सूत्रों से पता कि दोनों प्रेमी युगल को ग्रामीणों ने आर्थिक दंड दिया जिसमें दोनों प्रेमी युगल हाथी दंड देने में सक्षम नहीं हुआ जिसके बाद दोनों को थाना लाया गया.
यह है पूरा मामला
सिवानीजोड़ गांव की दो बच्चे की मां की इसी थाना क्षेत्र के हाथवारी गांव की तीन बच्चे के पिता के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था. जिसकी जानकारी महिला के पति को हुई तो उसने अपने साथियों के साथ पहुंचकर युवा एंव महिला को रंगे हाथ पकड़ लिया.
रिपोर्ट: पंचम झा / अब्दुल अंसारी , शिकारीपाड़ा, दुमका
