लोहरदगा (LOHARDAGA) - नक्सलियों के दवाब में बारह वर्ष की उम्र में नक्सली संगठन से जुड़ने वाले नक्सली सूरजनाथ खेरवार उर्फ गुड्डू ने बुधवार को लोहरदगा डीसी वाघमारे प्रसाद कृष्ण और एसपी प्रियंका मीणा के समक्ष समर्पण किया. समर्पण के बाद नक्सली सूरजनाथ खेरवार उर्फ गुड्डू ने कहा कि बुलबुल गांव पूरी तरह से नक्सलियों के अधीन था. ऐसे में नक्सली कमांडर के द्वारा फरमान जारी किया गया कि हर घर से एक बालक नक्सली संगठन के लिए चाहिए. जो संगठन में सहयोग नहीं करेंगे, उन्हें न लकड़ी काटने दिया जाएगा और न ही जंगल से महुआ चुनने दिया जाएगा. ऐसी स्थिति में घर वालों के हित का ख्याल रखते हुए सूरजनाथ ने नक्सली संगठन से जुड़ने का फैसला किया था. बारह वर्ष की उम्र में नक्सली संगठन से जुड़ने वाले सूरजनाथ खेरवार उर्फ गुड्डू ने बताया कि और भी नक्सली मुख्यधारा से जुडने को तैयार हैं.
सूरजनाथ खेरवार उर्फ गुड्डू के उपर कई मामले दर्ज
मौके पर डीसी वाघमारे प्रसाद कृष्ण ने कहा कि जो भी नक्सली मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, हम उनका स्वागत करते हैं. एसपी ने कहा कि जरुरत पड़ने पर आने वाले समय में ऑपरेशन डबल बुल फिर चलाया जा सकता है. जो नक्सली मुख्य धारा में नहीं लौटेंगे उन्हें जंगलों में ही सबक सिखाया जाएगा. सरेंडर करने वाले नक्सली सूरजनाथ खेरवार उर्फ गुड्डू के उपर आठ मामले सीएलए एक्ट, विस्फोटक अधिनियम और आर्म्स एक्ट, मुठभेड़, प्रतिबंधित संगठन माओवादी से जुडने, हथियारों की बरामदगी और हत्या के मामले दर्ज हैं. नक्सली पेशरार थाना क्षेत्र के बुलबुल निवासी है.
रिपोर्ट : गौतम लेनिन, लोहरदगा