टीएनपी डेस्क (TNP DESK): लखीमपुर खीरी मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त कमेटी ने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी है. कोर्ट ने कहा कि मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने उत्तर प्रदेश सरकार को दो बार मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को दी गई जमानत को रद्द करने की सिफारिश की थी. लखीमपुर खीरी मामले में आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने अब फैसला आरक्षित कर लिया है.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सबूत इस बात की पुष्टि करते हैं कि केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा उस जगह पर थे, जिसमें आठ लोग मारे गए थे और घटना वाले दिन 3 अक्टूबर को यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा अपनाए गए मार्ग में बदलाव के बारे में जानते थे.
आशीष मिश्रा पर किसानों को कुचलने का आरोप
आशीष मिश्रा पर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में मौर्य के दौरे के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों को कुचलने का आरोप लगाया गया था. किसान तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे थे, जिन्हें बाद में केंद्र ने निरस्त कर दिया था .
सुप्रीम कोर्ट ने 30 मार्च को लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत रद्द नहीं करने को लेकर विशेष जांच दल की सिफारिश पर उत्तर प्रदेश प्रशासन से सवाल किया था.
रिपोर्ट: अशु शुक्ला, रांची
