धनबाद(DHANBAD) - झमाडा में काम करने वालों के आश्रित आज बाल बच्चों के साथ सड़क पर उतरे. उनका कहना है कि प्रबंधन तानाशाही रवैया अपनाये हुए है. इसलिए पूरे परिवार और बच्चों के साथ सड़कों पर उतरे है. आश्रितों की रैली सपरिवार झमाड़ा मुख्य गेट से रणधीर वर्मा चौक पर प्रदर्शन करने के बाद उपायुक्त कार्यालय पहुँच उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में अविलम्ब अनुकंपा पर नियोजन की मांग की गई है.
37 दिनों से झमाडा के मुख्य द्वार पर दे रहे धरना
आश्रित पिछले 37 दिनों से झमाडा के मुख्य द्वार पर धरना दे रहे है. आश्रितों ने बताया कि धरना दे रहे तमाम आश्रित अविलंब अनुकंपा नियोजन के मांग को लेकर पिछले 22 फरवरी से अपने घर- परिवार से दूर झामाडा मुख्य द्वार के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना पर है. लेकिन झमाडा प्रबंधन के द्वारा अनुकंपा नियुक्ति की दिशा में कोई सकारात्मक पहल नहीं की गयी. है. इन महीने भर में प्रबंधन से चार बार वार्ता हुई लेकिन विफल रही . विधान सभा मे भी इस मामले को विधायक नीरज पूर्णिमा सिंह और विधायक राज सिन्हा ने उठाया लेकिन बावजूद प्रबंधन अपना तानाशाही रवैय अपनाये हुए है. अभी तक कोई पहल नही की गई है.
रिपोर्ट :शाम्भवी सिंह ,धनबाद
