देवघर(DEOGHAR): केंद्र सरकार के नीतियों में खासकर सरकारी संसाधन के निजीकरण, नयी श्रम संहिता सहित विभिन्न मुद्दों के विरोध में संयुक्त ट्रेड यूनियन द्वारा आज से दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल बुलाई गई है. देवघर के चितरा स्थित ECL के कोयला खदान में भी हड़ताल का व्यापक असर दिख रहा है. संयुक्त ट्रेड यूनियन के आह्वान पर सोमवार को कोलयरी में काम-काज ठप्प है.
पूरे देश के 71 में से 67 औद्योगिक संगठन हड़ताल में शामिल
बता दें कि ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधियों और विपक्षी राजनीतिक दलों द्वारा कोलयरी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया गया और केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई. इस दो दिवसीय हड़ताल के दौरान कोयले का उठाव और डिस्पैच पूरी तरह स्थगित रहने के कारण चितरा कोलयरी को काफी नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है. संयुक्त ट्रेड यूनियन के संयोजक और झारखंड विधानसभा के पूर्व स्पीकर शशांक शेखर भोक्ता ने बताया कि पूरे देश के 71 में से 67 औद्योगिक संगठन हड़ताल में शामिल हैं. इन्होंने केंद्र सरकार पर कई आरोप भी लगाए हैं. वहीं बंद के समर्थन में शामिल राज्य के सत्ताधारी पार्टी झामुमो युवा मोर्चा के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत शेखर भी केंद्र सरकार की नीतियों पर जमकर भड़ास निकाला. इधर हड़ताल से कोलियरी में ट्रकों का चक्का जाम है.
रिपोर्ट: रितुराज सिन्हा, देवघर