धनबाद(DHANBAD) - झारखंड राज्य बिजली कामगार यूनियन का 12 वां राज्यस्तरीय महासम्मेलन आज धनबाद में हुआ. सम्मेलन का उद्घाटन निरसा के पूर्व विधायक अरूप चटर्जी ने किया. उद्घाटन के पहले महामंत्री राम कृष्णा सिंह ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसका करतल ध्वनि से अनुमोदन किया गया. राम कृष्णा सिंह ने झारखंड सरकार पर इकरारनामा करने के बाद भी उन शर्तों को लागू नहीं करने का आरोप लगाया.
हमारा पानी ,हमारा कोयला और हामी को बिजली नहीं
उन्होंने डीवीसी द्वारा 'पावर कट' को गलत बताते हुए कहा कि झारखंड के कोयला, पानी और जमीन से डीवीसी बिजली पैदा करता है लेकिन बिजली परेशानी करता है. बिजली बंद होने के कारण उपभोक्ता, अस्पताल ,रेलवे, स्कूल कॉलेज के विद्यार्थियों पर सीधा असर पड़ता है. सरकार को इस पर निर्णय लेना चाहिए, उन्होंने कहा कि अगर 10 सूत्री मांगों की पूर्ति नहीं की गई तो 10 मई से पूरे राज्य में धरना- प्रदर्शन और 10 जून से राज्य भर में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी.
28- 29 मार्च के देशव्यापी प्रस्तावित हड़ताल को नैतिक समर्थन
28- 29 मार्च के देशव्यापी प्रस्तावित हड़ताल को नैतिक समर्थन देने की भी घोषणा की गई. सभा की अध्यक्षता सुरेश सिन्हा ने किया. सभा को जमशेदपुर के पी एन सिंह ,डाल्टेनगंज के प्रकाश लाल ,देवघर के सुबोध सिंह, देवघर के राम सुधीर सिंह, धनबाद के कैलाश सिंह ,सैफुल्लाह खान ,इंदु भूषण सिंह ,हजारीबाग के मशहूर खान ने संबोधित किया. राम कृष्णा सिंह को फिर से निर्विरोध प्रदेश महामंत्री चुन लिया गया. वह अविभाजित बिहार से प्रदेश महामंत्री है. राम कृष्णा सिंह के जुझारू व्यक्तित्व का उदाहरण यह है कि 5 बार वह नौकरी से बर्खास्त हुए और फिर कोर्ट से मुकदमा जीत कर नौकरी में बहाल हुए.
