✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. News Update

"सुअर पालने के लिए नहीं, बल्कि सरकारी नौकरी की आस में JMM को दिया था वोट"

BY -
Shreya Gupta
Shreya Gupta
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 12, 2026, 3:18:26 PM

दुमका (DUMKA) : 1932 खतियान पर बवाल दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है.  इस बार तो और कहीं नहीं बल्कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के क्षेत्र दुमका मे छात्रों का आक्रोश दिखा.  बता दें कि हेमंत सरकार द्वारा बेरोजगार युवाओं को नौकरी और 1932 के खतियान आधारित स्थानीय और नियोजन नीति पर यू-टर्न लेने से आक्रोशित छात्र समन्वय समिति के सदस्यों ने दुमका एसपी कॉलेज के सामने सीएम का पुतला फूंका. बड़ी संख्या मे छात्र समन्वय समिति के बैनर के साथ एसपी कॉलेज के सामने सभी छात्र एकत्रित हुए और जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और भीषण आक्रोश में सीएम का पुतला फूंका.

 छात्रों का कहना है

छात्र नेता श्यामदेव हेंब्रम ने कहा कि हेमंत सोरेन ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में बेरोजगार युवाओं को नौकरी, बेरोजगारी भत्ता देने के साथ-साथ 1932 के खतियान आधारित स्थानीय और नियोजन नीति लागू करने की बात कही थी. लेकिन सत्ता में आते ही हेमंत सोरेन अपना चुनावी वादा भूल गए. इसके साथ ही छात्र नेता ने कहा कि सत्र के दौरान हेमंत सोरेन ने सदन में स्पष्ट कर दिया कि 1932 का खतियान लागू नहीं किया जा सकता. वहीं श्यामदेव हेम्ब्रम ने कहा कि सीएम अब सरकारी नौकरी देने के बदले रोजगार देने की बात कह रहे हैं.  बेरोजगारी भत्ता बेरोजगार छात्रों को मिला नहीं और अब 1932 के खतियान आधारित स्थानीय और नियोजन नीति लागू करने से भी अपने आपको किनारा कर लिया. सीएम के इस बयान से युवा मर्माहत हैं.

सामाजिक बहिष्कार

छात्राओं का आक्रोश देख कर ऐसा अनुमान लगाया जो सकता है कि इनका आंदोलन और तेज होगा. युवाओं ने बकरी और सुअर पालने के लिए नहीं बल्कि सरकारी नौकरी की आस में झामुमो को वोट दिया था. उन्होंने कहा कि सरकार अब भी अपने निर्णय पर पुनर्विचार करें अन्यथा ऐसे नेताओं का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा. छात्र समन्वय समिति के सदस्य ने कहा कि हेमंत सोरेन और जेएमएम सरकार के किसी भी नेता को न ही गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा और न ही कोई भी उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने दिया जाएगा.

रिपोर्ट : पंचम झा, दुमका

Tags:News

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.